मोटापा (Obesity)
शरीर में ज़रूरत से ज़्यादा चर्बी, जो डायबिटीज़, BP, दिल की बीमारी, फैटी लिवर और घुटनों के दर्द का बड़ा कारण है। अच्छी बात: वज़न का थोड़ा हिस्सा (5–10%) घटाने से भी सेहत में बड़ा सुधार होता है।
- भारतीयों में मोटापा
- BMI 25 या ज़्यादा
- कमर का खतरनाक नाप
- पुरुष 90 cm+, महिला 80 cm+
- फ़ायदा
- 5–10% वज़न घटाने से भी
- सही रफ़्तार
- हफ्ते में आधा से 1 किलो
मोटापा कैसे मापें?
BMI = वज़न (किलो) ÷ (कद मीटर में × कद मीटर में)। उदाहरण: 70 किलो और 1.60 मीटर कद → 70 ÷ (1.6 × 1.6) = लगभग 27।
| BMI (भारतीयों के लिए) | श्रेणी |
|---|---|
| 18.5 से कम | कम वज़न |
| 18.5–22.9 | सामान्य |
| 23–24.9 | ज़्यादा वज़न |
| 25 या ज़्यादा | मोटापा |
भारतीयों में कम BMI पर भी डायबिटीज़ और दिल का खतरा ज़्यादा होता है, इसलिए यहाँ सीमा पश्चिमी देशों से कम रखी जाती है। कमर का नाप भी देखें: पुरुषों में 90 cm और महिलाओं में 80 cm से ज़्यादा पेट की चर्बी खतरे का संकेत है, भले BMI सामान्य हो।
कारण
- ज़रूरत से ज़्यादा खाना, खासकर मीठा, तला, मैदा, पैकेट वाला खाना
- मीठे पेय: cold drink, पैक जूस, मीठी चाय
- कम चलना-फिरना, ज़्यादा बैठे रहना, ज़्यादा screen time
- कम नींद, तनाव
- परिवार और जीन
- कुछ दवाएँ (steroid, कुछ मानसिक रोग की दवाएँ)
- कम थायराइड, PCOD
- धूम्रपान छोड़ने के बाद, गर्भावस्था के बाद
मोटापे से होने वाली बीमारियाँ
- डायबिटीज़, हाई BP, कोलेस्ट्रॉल
- हार्ट अटैक, लकवा
- फैटी लिवर
- घुटनों का गठिया, कमर दर्द
- खर्राटे और नींद में साँस रुकना
- एसिडिटी
- गर्भधारण में दिक्कत, PCOD
- कुछ कैंसर
- उदासी और आत्मविश्वास में कमी
इन हालात में जल्दी डॉक्टर से मिलें
- बिना कारण तेज़ी से वज़न बढ़ना, साथ में थकान, ठंड लगना, कब्ज़ (थायराइड)
- चेहरा गोल होना, पेट पर बैंगनी धारियाँ, BP बढ़ना (हार्मोन की बीमारी)
- ज़ोर के खर्राटे और दिन में बहुत नींद
- थोड़ा चलने पर साँस फूलना या सीने में दर्द
- बच्चे का वज़न तेज़ी से बढ़ना
जाँच
- वज़न, कद, BMI और कमर का नाप।
- BP।
- Blood sugar / HbA1c, lipid profile।
- LFT और लिवर का ultrasound (फैटी लिवर)।
- TSH (थायराइड)।
- ज़रूरत हो तो sleep study।
इलाज
- लक्ष्य रखें: शुरुआत में 5–10% वज़न कम करना। इससे शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल और लिवर में सुधार होता है।
- हफ्ते में आधा से 1 किलो वज़न घटना सही रफ़्तार है। धीरे घटा वज़न ज़्यादा टिकता है।
- खान-पान, कसरत, नींद और तनाव, चारों पर ध्यान दें।
- कुछ हफ्तों बाद वज़न रुक जाना (plateau) सामान्य है, हार न मानें।
- डॉक्टर की निगरानी में वज़न घटाने वाली नई दवाएँ (injection या गोली) भी उपलब्ध हैं, जो कुछ मरीज़ों के लिए उपयुक्त हैं। इन्हें online मँगाकर अपने मन से न लें।
- बहुत ज़्यादा मोटापे में, खासकर डायबिटीज़ के साथ, bariatric surgery एक विकल्प है। विशेषज्ञ तय करते हैं।
खान-पान और कसरत
खान-पान
- थाली में आधी सब्ज़ी-सलाद, एक चौथाई दाल/पनीर/अंडा, एक चौथाई रोटी-चावल।
- Cold drink, पैक जूस, मीठी चाय बंद या बहुत कम करें, यह सबसे आसान बड़ा बदलाव है।
- तला खाना, मिठाई, बेकरी, नमकीन कम करें।
- खाना धीरे-धीरे चबाकर खाएँ, TV या mobile के सामने नहीं।
- छोटी थाली इस्तेमाल करें, दोबारा परोसने से पहले रुकें।
- भूख लगे तो फल, भुना चना, छाछ।
कसरत
- हफ्ते में कम से कम 150 मिनट तेज़ चलना (रोज़ 30 मिनट, 5 दिन)। वज़न घटाने और बनाए रखने के लिए इससे ज़्यादा फ़ायदेमंद।
- हफ्ते में 2 दिन मांसपेशियाँ मज़बूत करने वाली कसरत।
- घुटनों में दर्द हो तो साइकिल, तैराकी या कुर्सी वाली कसरत।
- दिन में बैठे रहने का समय कम करें, हर घंटे उठकर चलें।
- 7–8 घंटे की नींद।
बच्चों में मोटापा
- बच्चों को डाइटिंग न कराएँ। पूरे परिवार की आदतें बदलें।
- रोज़ कम से कम 1 घंटा खेलकूद।
- Screen time 2 घंटे से कम।
- Cold drink, chips, पैकेट वाला खाना घर में न रखें।
- बच्चे को वज़न के लिए ताने न दें, इससे खाने की गलत आदतें और उदासी बढ़ती है।
बुज़ुर्गों में
- बुज़ुर्गों में तेज़ी से वज़न घटाना ठीक नहीं, मांसपेशियाँ और हड्डियाँ कमज़ोर होती हैं।
- प्रोटीन वाला खाना और मांसपेशियाँ मज़बूत करने वाली हल्की कसरत ज़रूरी है।
- डॉक्टर की सलाह से लक्ष्य तय करें।
कब डॉक्टर को दिखाएँ?
- BMI 25 या ज़्यादा, या कमर का नाप ज़्यादा
- मोटापे के साथ शुगर, BP या फैटी लिवर
- ऊपर दिए हालात में
- कोशिश के बाद भी वज़न न घटे
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- General Physician: शुरुआती जाँच
- Endocrinologist: हार्मोन, डायबिटीज़ और वज़न घटाने की दवा
- Dietitian: खाने की योजना
- Bariatric surgeon: बहुत ज़्यादा मोटापे में
क्या न करें?
- Crash diet, भूखे रहना या खाना छोड़ना। इससे बाद में वज़न तेज़ी से वापस आता है।
- वज़न घटाने की चाय, पाउडर या "fat burner" गोलियों पर भरोसा न करें, कुछ खतरनाक होती हैं।
- वज़न घटाने के injection online मँगाकर बिना डॉक्टर के न लें।
- किसी को वज़न के लिए शर्मिंदा न करें।
- एक हफ्ते में नतीजा न दिखे तो हार न मानें।
बचाव कैसे करें?
- मीठे पेय से दूरी।
- घर का संतुलित खाना।
- रोज़ कसरत और चलना।
- पूरी नींद।
- महीने में एक बार वज़न और कमर का नाप देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या सिर्फ BMI से पता चलता है?
नहीं। कमर का नाप भी ज़रूरी है। भारतीयों में सामान्य BMI पर भी पेट की चर्बी खतरनाक हो सकती है।
वज़न कितनी तेज़ी से घटाना चाहिए?
हफ्ते में आधा से 1 किलो सुरक्षित और टिकाऊ है।
क्या सिर्फ कसरत से वज़न घटेगा?
कसरत ज़रूरी है, पर वज़न घटाने में खान-पान का असर ज़्यादा होता है। दोनों साथ सबसे असरदार हैं।
क्या वज़न घटाने के injection सुरक्षित हैं?
डॉक्टर की निगरानी में सही मरीज़ों के लिए असरदार हैं। इनके साइड इफेक्ट होते हैं, इसलिए अपने मन से न लें।
क्या रात को चावल खाने से मोटापा होता है?
कोई एक खाना मोटापा नहीं करता। कुल मात्रा और पूरे दिन का खाना ज़्यादा मायने रखता है।