गैस और एसिडिटी (Acidity)
पेट का तेज़ाब (acid) ऊपर खाने की नली में आने से सीने में जलन और खट्टी डकारें आती हैं। ज़्यादातर मामलों में खान-पान और आदतें बदलने से आराम मिल जाता है।
- मुख्य लक्षण
- सीने में जलन, खट्टी डकार
- सबसे बड़ी गलती
- सीने के दर्द को गैस मान लेना
- रात का खाना
- सोने से 2–3 घंटे पहले
- Endoscopy कब
- खतरे के संकेत हों तो
गैस और एसिडिटी क्या है?
पेट खाना पचाने के लिए तेज़ाब बनाता है। पेट और खाने की नली के बीच एक वाल्व होता है। जब यह ढीला पड़ता है, तो तेज़ाब ऊपर नली में आ जाता है और सीने में जलन (heartburn) होती है। बार-बार ऐसा होने को GERD कहते हैं।
पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन, फूलना और जल्दी पेट भरना अपच (indigestion) कहलाता है।
कारण
- ज़्यादा तला-भुना, मसालेदार और भारी खाना
- एक बार में बहुत ज़्यादा खाना
- देर रात खाना और खाकर तुरंत लेट जाना
- ज़्यादा चाय-कॉफ़ी, cold drink
- धूम्रपान, तंबाकू, शराब
- मोटापा, पेट की चर्बी, टाइट कपड़े
- गर्भावस्था
- तनाव और कम नींद
- दर्द की दवाएँ (जैसे Ibuprofen, Diclofenac, Aspirin) जो पेट में घाव (ulcer) भी कर सकती हैं
- H. pylori बैक्टीरिया का संक्रमण, जो ulcer का बड़ा कारण है
लक्षण
- सीने में या गले तक जलन, खासकर खाने के बाद या लेटने पर
- खट्टी डकार, मुँह में खट्टा या कड़वा पानी आना
- पेट फूलना, गैस, बार-बार डकार
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या जलन
- जी मिचलाना, थोड़ा खाते ही पेट भर जाना
- रात में खाँसी या आवाज़ बैठना
खतरे के संकेत (Warning signs)
यह गैस नहीं, हार्ट अटैक हो सकता है
- सीने में दर्द या जलन के साथ पसीना, साँस फूलना, घबराहट
- दर्द का बाएँ हाथ, जबड़े, गर्दन या पीठ तक जाना
- चलने या मेहनत करने पर बढ़ने वाला सीने का दर्द
- डायबिटीज़ के मरीज़ या बुज़ुर्ग में पहली बार ऐसी "गैस"
ऐसे में तुरंत ECG कराएँ। हार्ट अटैक के बारे में पढ़ें।
पेट की गंभीर बीमारी के संकेत
- खून की उल्टी या कॉफ़ी के चूरे जैसी उल्टी
- काला, चिपचिपा मल
- निगलने में दर्द या खाना अटकना
- बिना कारण वज़न घटना
- बार-बार उल्टी
- पेट में अचानक बहुत तेज़ दर्द
- खून की कमी
जाँच कब ज़रूरी है?
- सामान्य एसिडिटी में अक्सर किसी जाँच की ज़रूरत नहीं होती।
- Endoscopy (मुँह से दूरबीन डालकर जाँच) तब कराई जाती है जब खतरे के संकेत हों, लगभग 50 साल के बाद नई तकलीफ़ शुरू हो, या इलाज से आराम न मिले।
- H. pylori की जाँच (साँस या मल की जाँच, या endoscopy में) ulcer या बार-बार की तकलीफ़ में।
- सीने में दर्द हो तो ECG, ताकि दिल की बीमारी को अलग किया जा सके।
- भारी खाने के बाद पेट के दाहिनी ओर दर्द हो तो पथरी के लिए Ultrasound।
इलाज
- पहला इलाज: खान-पान और आदतों में बदलाव।
- कभी-कभार की जलन में antacid (सिरप या गोली) से जल्दी आराम मिलता है।
- बार-बार की एसिडिटी में डॉक्टर तेज़ाब कम करने वाली दवा (जैसे pantoprazole, omeprazole) कुछ हफ्तों के लिए दे सकते हैं।
- ये दवाएँ महीनों-सालों तक अपने मन से रोज़ न लें। लंबे समय तक बिना ज़रूरत लेने से B12 की कमी, हड्डियों की कमज़ोरी और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
- H. pylori होने पर डॉक्टर 2 हफ्ते का antibiotic और तेज़ाब कम करने की दवा का कोर्स देते हैं। पूरा कोर्स लें।
खान-पान और आदतें
- थोड़ा-थोड़ा, कई बार खाएँ। एक बार में ठूँसकर न खाएँ।
- रात का खाना सोने से 2–3 घंटे पहले खाएँ। खाकर तुरंत न लेटें।
- रात को जलन हो तो पलंग के सिरहाने वाले पायों के नीचे ईंट रखकर सिर की तरफ़ 6–8 इंच ऊँचा करें। सिर्फ तकिए बढ़ाने से फ़ायदा कम होता है।
- तला-भुना, ज़्यादा मसाला, चाय-कॉफ़ी, cold drink, chocolate कम करें। जिस चीज़ से आपको तकलीफ़ हो, उसे पहचानें।
- गैस के लिए: धीरे-धीरे चबाकर खाएँ, खाते समय बात कम करें, cold drink और chewing gum से बचें, खाने के बाद 10–15 मिनट टहलें।
- वज़न कम करें, टाइट बेल्ट न पहनें, धूम्रपान छोड़ें।
गर्भावस्था में एसिडिटी
- गर्भावस्था में, खासकर आखिरी महीनों में, एसिडिटी बहुत आम है।
- थोड़ा-थोड़ा खाएँ और खाकर तुरंत न लेटें।
- कोई भी antacid या दवा डॉक्टर से पूछकर लें।
- पेट के ऊपरी हिस्से में तेज़ दर्द के साथ सिरदर्द या सूजन हो तो यह BP की समस्या हो सकती है, तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
बच्चों में
- छोटे बच्चों का दूध पीने के बाद थोड़ा दूध बाहर निकालना आम है, अगर बच्चा ठीक से बढ़ रहा है।
- बच्चा दूध पीते समय बहुत रोए, वज़न न बढ़े या हरी/खून वाली उल्टी करे तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- बड़े बच्चों में बार-बार पेट दर्द के कारण कब्ज़, कीड़े या खान-पान भी हो सकते हैं।
बुज़ुर्गों में
- बुज़ुर्गों में दिल की तकलीफ़ अक्सर गैस जैसी लगती है। नई या अलग तकलीफ़ में ECG कराएँ।
- दर्द की दवाएँ और कुछ दूसरी दवाएँ पेट में घाव कर सकती हैं। डॉक्टर को सभी दवाओं के बारे में बताएँ।
- वज़न घटना, खून की कमी या निगलने में दिक्कत हो तो endoscopy की ज़रूरत हो सकती है।
कब डॉक्टर या hospital जाएँ?
- ऊपर दिया कोई भी खतरे का संकेत: तुरंत
- हफ्ते में 2 बार से ज़्यादा जलन
- 2–4 हफ्ते की दवा और परहेज़ से आराम न हो
- Antacid रोज़ लेने की ज़रूरत पड़ रही हो
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- General Physician (MBBS): शुरुआती इलाज
- Gastroenterologist (पेट के विशेषज्ञ): बार-बार तकलीफ़, खतरे के संकेत या endoscopy
- सीने में दर्द और पसीना: सीधे Emergency
क्या न करें?
- सीने के दर्द को बिना जाँच के गैस न मानें।
- Pantoprazole जैसी दवाएँ महीनों तक अपने मन से रोज़ न लें।
- दर्द की गोली खाली पेट न लें।
- खाना खाकर तुरंत न लेटें।
- गैस के लिए cold drink या soda न पिएँ।
- BP के मरीज़ ज़्यादा soda वाले पाउडर बार-बार न लें, इनमें नमक (sodium) होता है।
बचाव कैसे करें?
- समय पर, थोड़ा-थोड़ा और धीरे-धीरे खाएँ।
- रात का खाना जल्दी और हल्का खाएँ।
- वज़न सही रखें, रोज़ टहलें।
- धूम्रपान, तंबाकू और शराब छोड़ें।
- तनाव कम करें और पूरी नींद लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या ठंडा दूध एसिडिटी में फ़ायदा करता है?
ठंडा दूध कुछ देर के लिए आराम दे सकता है, पर बाद में कई लोगों में तेज़ाब बढ़ा देता है। यह इलाज नहीं है।
क्या pantoprazole रोज़ लेना नुकसानदेह है?
डॉक्टर की सलाह से कुछ हफ्ते लेना सुरक्षित है। बिना ज़रूरत महीनों-सालों तक लेने से साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
क्या गैस से सीने में दर्द होता है?
हो सकता है, पर सीने का दर्द दिल की बीमारी का भी संकेत है। शक हो तो पहले ECG कराएँ।
क्या चाय से एसिडिटी होती है?
ज़्यादा चाय, खासकर खाली पेट, कई लोगों में एसिडिटी बढ़ाती है।
एसिडिटी में क्या खाएँ?
सादा घर का खाना, खिचड़ी, दलिया, रोटी-सब्ज़ी, केला, दही (अगर सूट करे)। तला और बहुत मसालेदार खाना कम करें।