हाई BP (High Blood Pressure)
खून की नलियों में दबाव का लंबे समय तक ज़्यादा रहना। इसे 'साइलेंट किलर' कहते हैं, क्योंकि अक्सर कोई लक्षण नहीं होता, पर यह लकवा, हार्ट अटैक और किडनी खराब होने का बड़ा कारण है।
- सामान्य BP
- 120/80 से कम
- हाई BP
- बार-बार 140/90 या ज़्यादा
- नमक
- दिन में 1 छोटा चम्मच (5 ग्राम) से कम
- मुफ्त जाँच
- 30+ उम्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर
हाई BP क्या है?
BP दो अंकों में लिखा जाता है, जैसे 120/80। ऊपर वाला अंक (systolic) दिल धड़कते समय का दबाव है और नीचे वाला (diastolic) दो धड़कनों के बीच का।
| श्रेणी | ऊपर वाला | नीचे वाला |
|---|---|---|
| सामान्य | 120 से कम | 80 से कम |
| थोड़ा बढ़ा (सतर्क रहें) | 120–139 | 80–89 |
| हाई BP | 140 या ज़्यादा | 90 या ज़्यादा |
| बहुत ज़्यादा (खतरनाक) | 180 या ज़्यादा | 110–120 या ज़्यादा |
एक बार की ज़्यादा reading से हाई BP नहीं माना जाता। अलग-अलग दिनों पर कई बार ज़्यादा आए तो डॉक्टर इसे हाई BP मानते हैं।
किसे ज़्यादा खतरा है?
- खाने में ज़्यादा नमक: अचार, पापड़, नमकीन, चिप्स, पैकेट वाला खाना
- ज़्यादा वज़न
- कम चलना-फिरना
- धूम्रपान, गुटखा, शराब
- तनाव और कम नींद
- परिवार में हाई BP
- बढ़ती उम्र
- डायबिटीज़ या किडनी की बीमारी
लक्षण
ज़्यादातर लोगों में कोई लक्षण नहीं होता। कुछ लोगों को ये हो सकते हैं:
- सिरदर्द, खासकर सुबह सिर के पिछले हिस्से में
- चक्कर
- धड़कन तेज़ महसूस होना
- थकान
सिरदर्द न होने का मतलब यह नहीं कि BP ठीक है। BP का पता सिर्फ नापकर चलता है। 30 साल के बाद साल में कम से कम एक बार BP ज़रूर नपवाएँ।
खतरे के संकेत (Emergency)
लकवा (Stroke) के संकेत: BE-FAST
- Balance: अचानक संतुलन बिगड़ना
- Eyes: अचानक धुँधला दिखना या दिखना बंद
- Face: चेहरा एक तरफ़ टेढ़ा होना
- Arm: एक हाथ या पैर में कमज़ोरी या सुन्नपन
- Speech: बोलने में लड़खड़ाहट
- Time: एक मिनट भी देर न करें, तुरंत hospital
दूसरे खतरे
- सीने में दर्द, भारीपन या दबाव, जो बाएँ हाथ, जबड़े या पीठ तक जाए (हार्ट अटैक)
- साँस फूलना
- BP 180/120 से ज़्यादा, साथ में तेज़ सिरदर्द, उल्टी या भ्रम
- गर्भवती महिला में तेज़ सिरदर्द, धुँधला दिखना, चेहरे-हाथों में अचानक सूजन
लकवा में पहले 4–5 घंटे बहुत कीमती होते हैं। ऐसे hospital जाएँ जहाँ CT scan की सुविधा हो।
108 पर Call करें112 EmergencyBP सही तरीके से कैसे नापें?
- नापने से 30 मिनट पहले चाय, कॉफ़ी, धूम्रपान और कसरत न करें। पेशाब कर लें।
- 5 मिनट शांति से बैठें। पीठ कुर्सी से टिकी हो, पैर ज़मीन पर, पैर क्रॉस न करें।
- बाँह मेज़ पर दिल की ऊँचाई पर रखें। cuff नंगी बाँह पर, कोहनी से थोड़ा ऊपर बाँधें।
- नापते समय बात न करें।
- 1–2 मिनट के अंतर पर 2 reading लें और औसत लिखें।
- घर के लिए बाँह (upper arm) वाली digital machine बेहतर है, कलाई वाली कम सटीक होती है।
हाई BP पता चलने पर ये जाँचें
- शुगर, cholesterol (lipid profile)
- किडनी (creatinine, urine), potassium
- ECG
30 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए BP और शुगर की मुफ्त जाँच आयुष्मान आरोग्य मंदिर और सरकारी अस्पतालों में होती है।
इलाज
- हल्के बढ़े BP में पहले जीवनशैली बदलने की सलाह दी जाती है। BP 140/90 से ज़्यादा बना रहे तो ज़्यादातर लोगों को दवा की ज़रूरत होती है।
- BP की दवा रोज़, एक ही समय पर लें। अक्सर यह लंबे समय तक चलती है।
- BP normal आने का मतलब है दवा काम कर रही है, दवा बंद करने का समय नहीं। डॉक्टर से पूछे बिना दवा बंद न करें।
- घर पर BP नापकर डायरी में लिखें और हर visit पर डॉक्टर को दिखाएँ।
- सरकारी अस्पतालों में BP की दवा मुफ्त मिलती है, जन औषधि केंद्र पर सस्ती।
खान-पान और जीवनशैली
- नमक दिन में 1 छोटे चम्मच (5 ग्राम) से कम। सब्ज़ी में ऊपर से नमक न डालें।
- अचार, पापड़, नमकीन, चिप्स, पैकेट वाला खाना, सॉस कम करें
- हरी सब्ज़ियाँ, फल, दाल, दही ज़्यादा लें
- रोज़ 30 मिनट तेज़ चलें, हफ्ते में कम से कम 5 दिन
- वज़न कम करें, धूम्रपान-गुटखा छोड़ें, शराब न पिएँ
- 7–8 घंटे की नींद लें, तनाव कम करने के लिए योग या प्राणायाम करें
गर्भावस्था में BP
- गर्भावस्था में हर जाँच पर BP ज़रूर नपवाएँ।
- गर्भावस्था में BP बढ़ना (pre-eclampsia) माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।
- तेज़ सिरदर्द, धुँधला दिखना, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या अचानक सूजन हो तो तुरंत hospital जाएँ।
- गर्भावस्था में कुछ BP दवाएँ नहीं दी जातीं, इसलिए डॉक्टर को ज़रूर बताएँ।
बुज़ुर्गों में BP
- बुज़ुर्गों में हाई BP बहुत आम है।
- BP की दवा से अचानक खड़े होने पर चक्कर आ सकता है। धीरे उठें, पहले बैठें फिर खड़े हों।
- चक्कर या कमज़ोरी हो तो डॉक्टर को बताएँ, दवा की मात्रा बदली जा सकती है।
- BP के साथ शुगर, cholesterol और किडनी की जाँच भी नियमित कराएँ।
कब hospital जाएँ?
- ऊपर दिया कोई भी खतरे का संकेत दिखे
- BP बार-बार 180/110 से ऊपर आए
- दवा लेने के बाद भी BP नियंत्रित न हो
- दवा से बहुत चक्कर या बेहोशी जैसा लगे
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- General Physician / MD Medicine: जाँच और नियमित इलाज
- Cardiologist (दिल के डॉक्टर): सीने में दर्द, दिल की बीमारी या BP नियंत्रित न हो
- Nephrologist: किडनी पर असर हो
- Neurologist: लकवा के बाद
- Gynecologist: गर्भावस्था में BP
क्या न करें?
- BP normal आते ही दवा बंद न करें।
- BP ज़्यादा आने पर अपने मन से एक्स्ट्रा गोली न खाएँ।
- दवा छूट जाए तो अगली बार दोगुनी न लें।
- लहसुन, लौकी या किसी नुस्खे के भरोसे दवा न छोड़ें।
- चलने या सीढ़ी चढ़ने के तुरंत बाद BP न नापें।
- ऊपर से नमक न डालें।
बचाव कैसे करें?
- खाने में नमक कम करें।
- रोज़ कसरत करें, वज़न सही रखें।
- धूम्रपान, गुटखा और शराब से दूर रहें।
- 30 साल के बाद साल में कम से कम एक बार BP नपवाएँ।
- परिवार में हाई BP हो तो और जल्दी और नियमित जाँच कराएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या BP की दवा जीवन भर खानी पड़ती है?
ज़्यादातर लोगों को लंबे समय तक दवा लेनी पड़ती है। कुछ लोगों में वज़न घटाने और नमक कम करने से डॉक्टर दवा कम कर सकते हैं, पर यह फैसला डॉक्टर ही करें।
क्या 130/85 हाई BP है?
यह सामान्य से थोड़ा ज़्यादा है। अभी से नमक कम करें, कसरत करें और नियमित BP नापें।
क्या बिना लक्षण के भी BP की दवा लेनी चाहिए?
हाँ। हाई BP बिना लक्षण के भी दिल, दिमाग और किडनी को नुकसान पहुँचाता है।
घर पर BP नापने के लिए कौन-सी machine अच्छी है?
बाँह (upper arm) पर बाँधने वाली digital machine। सही आकार का cuff चुनें।
क्या सेंधा नमक BP में सुरक्षित है?
नहीं, सेंधा नमक में भी लगभग उतना ही sodium होता है। किसी भी तरह का नमक कम ही लें।