PCOD / PCOS
महिलाओं में हार्मोन की एक आम गड़बड़ी, जिसमें माहवारी अनियमित होती है और अंडा बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। यह जड़ से खत्म नहीं होता, पर सही जीवनशैली और इलाज से अच्छी तरह नियंत्रित रहता है, और ज़्यादातर महिलाएँ माँ बन सकती हैं।
- मुख्य लक्षण
- अनियमित या बंद माहवारी
- पहचान
- लक्षण, हार्मोन जाँच, ultrasound
- सबसे असरदार
- कसरत और वज़न नियंत्रण
- गर्भधारण
- ज़्यादातर में संभव
PCOD / PCOS क्या है?
PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) में अंडाशय (ovary) में पुरुष हार्मोन (androgen) सामान्य से ज़्यादा बनने लगता है और हर महीने अंडा ठीक से नहीं बनता। भारत में इसे अक्सर PCOD भी कहा जाता है।
Ultrasound में अंडाशय में दिखने वाली छोटी-छोटी "cyst" असल में अधूरे अंडे (follicles) होते हैं, कोई खतरनाक गाँठ नहीं।
डॉक्टर आमतौर पर इन तीन में से दो बातें होने पर PCOS मानते हैं: अनियमित माहवारी, पुरुष हार्मोन ज़्यादा होने के लक्षण या जाँच, और ultrasound में polycystic ovary। थायराइड जैसी दूसरी वजहों को पहले अलग किया जाता है।
कारण और किसे खतरा
- परिवार में PCOS, डायबिटीज़ या मोटापा
- Insulin resistance: शरीर में insulin ठीक से काम न करना
- ज़्यादा वज़न, कम कसरत, ज़्यादा मीठा और मैदा
- दुबली-पतली लड़कियों और महिलाओं को भी PCOS हो सकता है
लक्षण
- माहवारी अनियमित: 35 दिन से ज़्यादा अंतर, साल में 8 बार से कम, या महीनों तक बंद
- माहवारी आने पर कभी-कभी बहुत ज़्यादा खून
- मुँहासे
- चेहरे, ठुड्डी, सीने या पेट पर ज़्यादा बाल
- सिर के बाल पतले होना
- वज़न बढ़ना, खासकर पेट पर
- गर्दन, बगल में त्वचा काली और मखमली होना
- गर्भधारण में दिक्कत
- उदासी, घबराहट, मूड बदलना
इन हालात में तुरंत डॉक्टर या hospital
- बहुत ज़्यादा खून बहना, चक्कर या कमज़ोरी
- पेट के निचले हिस्से में अचानक बहुत तेज़ दर्द, उल्टी या बेहोशी
- गर्भावस्था की जाँच positive हो और दर्द या खून आए
- आवाज़ भारी होना या बहुत तेज़ी से बाल बढ़ना (दूसरी हार्मोन की बीमारी हो सकती है)
- 3 महीने से ज़्यादा माहवारी बंद (पहले गर्भावस्था की जाँच करें)
जाँच
| जाँच | क्या बताती है |
|---|---|
| Pelvic ultrasound | अंडाशय में follicles, बच्चेदानी की परत |
| हार्मोन: LH, FSH, Testosterone | पुरुष हार्मोन और अंडाशय की स्थिति |
| TSH, Prolactin | थायराइड और दूसरी वजहों को अलग करना |
| Blood sugar / OGTT, HbA1c | Insulin resistance और डायबिटीज़ |
| Lipid profile | Cholesterol |
| गर्भावस्था की जाँच | माहवारी बंद होने पर सबसे पहले |
किशोरियों में ultrasound से PCOS तय नहीं किया जाता, क्योंकि इस उम्र में अंडाशय सामान्य रूप से भी ऐसे दिख सकते हैं।
इलाज
- जीवनशैली सबसे पहला और असरदार इलाज है। ज़्यादा वज़न हो तो उसका थोड़ा हिस्सा (5–10%) कम करने से भी माहवारी नियमित होने लगती है और अंडा बनने की संभावना बढ़ती है।
- रोज़ कम से कम 30 मिनट कसरत: तेज़ चलना, योग, साइकिल, नाच।
- हार्मोन की गोलियाँ: माहवारी नियमित करने, मुँहासे और बाल कम करने के लिए। डॉक्टर तय करते हैं।
- Metformin: insulin resistance में डॉक्टर दे सकते हैं।
- मुँहासे और ज़्यादा बालों के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ से इलाज, और laser जैसे तरीके।
- गर्भधारण के लिए अंडा बनाने की दवाएँ, और ज़रूरत हो तो fertility इलाज।
खान-पान
- मोटा अनाज, दाल, हरी सब्ज़ियाँ, सलाद, दही और फल खाएँ।
- मीठा, मैदा, बेकरी, cold drink, पैक जूस और तली चीज़ें कम करें।
- थाली में प्रोटीन (दाल, चना, पनीर, अंडा) ज़रूर रखें।
- भूखे रहना या crash diet से नुकसान होता है। धीरे-धीरे स्थायी बदलाव करें।
- PCOD ठीक करने वाली चाय, पाउडर या "kit" के दावों पर भरोसा न करें।
PCOD और गर्भधारण
- PCOD होने का मतलब बाँझपन नहीं है। बहुत सी महिलाएँ अपने-आप या आसान इलाज से माँ बनती हैं।
- गर्भधारण की योजना हो तो पहले Gynecologist से मिलें, वज़न और शुगर नियंत्रित करें।
- PCOD वाली महिलाओं में गर्भावस्था में शुगर (gestational diabetes) और BP का खतरा ज़्यादा होता है, इसलिए नियमित जाँच कराएँ।
किशोरियों में PCOD
- माहवारी शुरू होने के पहले 1–2 साल में अनियमित माहवारी सामान्य है। तुरंत PCOD मानकर घबराएँ नहीं।
- 2–3 साल बाद भी माहवारी बहुत अनियमित हो, या मुँहासे और बाल बहुत ज़्यादा हों, तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- खेलकूद, अच्छी नींद और घर का खाना सबसे अच्छा बचाव है।
- शादी से PCOD ठीक नहीं होता, यह एक गलतफ़हमी है।
आगे चलकर किन बातों का ध्यान रखें
- PCOD वाली महिलाओं में Type 2 डायबिटीज़, cholesterol और दिल की बीमारी का खतरा ज़्यादा होता है। हर 1–3 साल में शुगर की जाँच कराएँ।
- माहवारी बहुत कम आने से बच्चेदानी की परत मोटी हो सकती है। साल में कम से कम 4 बार माहवारी आनी चाहिए, नहीं तो डॉक्टर से बात करें।
- खर्राटे और दिन में बहुत नींद आए तो डॉक्टर को बताएँ।
- उदासी या घबराहट हो तो इसे नज़रअंदाज़ न करें, यह PCOD में आम है।
कब डॉक्टर को दिखाएँ?
- ऊपर दिए हालात में: तुरंत
- माहवारी लगातार अनियमित हो
- मुँहासे, बाल या वज़न की समस्या बढ़ रही हो
- 1 साल कोशिश के बाद भी गर्भ न ठहरे (35 के बाद 6 महीने)
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- Gynecologist (स्त्री रोग विशेषज्ञ): मुख्य डॉक्टर
- Endocrinologist: हार्मोन और शुगर की समस्या ज़्यादा हो
- Dermatologist: मुँहासे, बाल झड़ना, ज़्यादा बाल
- Fertility specialist: गर्भधारण में दिक्कत
क्या न करें?
- डॉक्टर की दी हुई गोलियाँ अपने मन से बंद न करें।
- "PCOD है तो बच्चा नहीं होगा" इस डर में न रहें।
- Crash diet या भूखे रहकर वज़न कम करने की कोशिश न करें।
- महीनों तक माहवारी बंद रहने को नज़रअंदाज़ न करें।
- चमत्कारी चाय, पाउडर या kit के भरोसे इलाज न छोड़ें।
नियंत्रण कैसे रखें?
- रोज़ कसरत करें।
- घर का संतुलित खाना, मीठा और मैदा कम।
- 7–8 घंटे की नींद और तनाव कम।
- वज़न, शुगर और माहवारी पर नज़र रखें।
- डॉक्टर के बताए समय पर follow-up कराएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या PCOD पूरी तरह ठीक हो सकता है?
यह जड़ से खत्म नहीं होता, पर जीवनशैली और इलाज से लक्षण इतने नियंत्रित हो सकते हैं कि रोज़ के जीवन पर असर न पड़े।
क्या PCOD में गर्भधारण हो सकता है?
हाँ। ज़्यादातर महिलाएँ अपने-आप या आसान इलाज से गर्भधारण कर लेती हैं।
क्या पतली लड़कियों को भी PCOD होता है?
हाँ। PCOD सिर्फ ज़्यादा वज़न वालों को नहीं होता।
क्या वज़न कम करना ज़रूरी है?
अगर वज़न ज़्यादा है तो थोड़ा कम करने से भी बहुत फ़ायदा होता है। सामान्य वज़न वाली महिलाओं के लिए कसरत और अच्छा खाना ज़रूरी है।
क्या शादी के बाद PCOD ठीक हो जाता है?
नहीं, यह एक गलतफ़हमी है। PCOD का शादी से कोई संबंध नहीं।