होम › जाँच व लैब › KFT report
KFT Report कैसे समझें
KFT (Kidney Function Test) या RFT से पता चलता है कि किडनी खून कितनी अच्छी तरह साफ़ कर रही है। डायबिटीज़ और BP वाले लोगों को यह जाँच हर साल करानी चाहिए।
- सबसे ज़रूरी
- Creatinine और eGFR
- साथ में ज़रूरी
- Urine albumin
- खाली पेट?
- आमतौर पर ज़रूरी नहीं
- किसके लिए हर साल
- डायबिटीज़, BP, 60+ उम्र
KFT जाँच क्या है?
किडनी खून से गंदगी (जैसे creatinine और urea) निकालती है और नमक-पानी का संतुलन रखती है। किडनी कमज़ोर हो तो ये चीज़ें खून में बढ़ जाती हैं। Creatinine से eGFR निकाला जाता है, जो बताता है कि किडनी लगभग कितने प्रतिशत काम कर रही है।
किडनी की बीमारी का पूरा page भी पढ़ें।
तैयारी
- आमतौर पर खाली पेट रहने की ज़रूरत नहीं, lab से पूछ लें।
- जाँच से 1 दिन पहले बहुत भारी मांसाहारी खाना और बहुत ज़्यादा कसरत न करें, इनसे creatinine थोड़ा बढ़ सकता है।
- Creatine या protein powder लेते हों तो डॉक्टर को बताएँ।
- पानी सामान्य मात्रा में पिएँ, बहुत कम पानी से urea बढ़ सकता है।
KFT की normal range
| जाँच | Normal range (लगभग) |
|---|---|
| Serum Creatinine | पुरुष: 0.7–1.3 mg/dL · महिला: 0.6–1.1 mg/dL |
| eGFR | 90 या ज़्यादा (60–89 हल्की कमी, 60 से कम लगातार 3 महीने = किडनी की बीमारी) |
| Blood Urea | 15–40 mg/dL |
| BUN | 7–20 mg/dL |
| Uric Acid | पुरुष: 3.4–7.0 · महिला: 2.4–6.0 mg/dL |
| Sodium | 135–145 mmol/L |
| Potassium | 3.5–5.0 mmol/L |
| Chloride | 98–107 mmol/L |
| Calcium | 8.5–10.5 mg/dL |
| Phosphorus | 2.5–4.5 mg/dL |
| Urine albumin (ACR) | 30 mg/g से कम |
हर lab की normal range थोड़ी अलग होती है। अपनी report में हर value के आगे लिखी reference range ज़रूर देखें। नीचे दी गई range आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली है।
बढ़ने या घटने का मतलब
| Value | आमतौर पर मतलब |
|---|---|
| Creatinine ज़्यादा / eGFR कम | किडनी कम काम कर रही है। पानी की कमी, कुछ दवाएँ, ज़्यादा मांसपेशियाँ या creatine supplement से भी थोड़ा बढ़ सकता है |
| Creatinine कम | आमतौर पर कम मांसपेशियाँ, चिंता की बात नहीं |
| Urea ज़्यादा | पानी की कमी, ज़्यादा protein, पेट में खून बहना या किडनी की कमज़ोरी |
| Uric acid ज़्यादा | Gout और पथरी का खतरा। शराब, मांस, मीठे पेय, कुछ दवाएँ |
| Potassium ज़्यादा | किडनी की कमज़ोरी या कुछ BP दवाएँ। बहुत ज़्यादा हो तो दिल की धड़कन पर खतरा |
| Potassium कम | दस्त, उल्टी, पेशाब बढ़ाने वाली दवाएँ। कमज़ोरी और ऐंठन |
| Sodium कम | उल्टी-दस्त, कुछ दवाएँ, बुज़ुर्गों में आम। भ्रम और कमज़ोरी |
| Urine albumin ज़्यादा | किडनी में नुकसान का शुरुआती संकेत, खासकर डायबिटीज़ और BP में |
Creatinine "normal" होने पर भी किडनी कमज़ोर हो सकती है, खासकर बुज़ुर्गों और दुबले लोगों में। इसलिए eGFR और urine albumin दोनों देखें।
ये हो तो तुरंत डॉक्टर या hospital
- Potassium 6 से ज़्यादा या 3 से कम, साथ में कमज़ोरी या धड़कन अनियमित
- Sodium 125 से कम, या भ्रम, बहुत नींद, दौरा
- Creatinine अचानक बढ़ना और साथ में पेशाब बहुत कम होना
- किडनी की बीमारी के साथ साँस फूलना, उल्टी या पूरे शरीर में सूजन
कौन-सा डॉक्टर दिखाएँ?
- General Physician / MD Medicine: report समझने के लिए
- Nephrologist (किडनी विशेषज्ञ): eGFR 60 से कम, urine albumin ज़्यादा, या values तेज़ी से बिगड़ रही हों
- Urologist: पथरी या रुकावट
क्या न करें?
- Creatinine बढ़ा हो तो दर्द की गोलियाँ (ibuprofen, diclofenac) अपने मन से न लें।
- Protein powder और बिना जाँची देसी दवाएँ न लें।
- बहुत ज़्यादा पानी पीकर किडनी "साफ़" करने की कोशिश न करें, कमज़ोर किडनी में यह नुकसान कर सकता है।
- BP या शुगर की दवा बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Creatinine normal कितना होता है?
पुरुषों में लगभग 0.7–1.3 और महिलाओं में 0.6–1.1 mg/dL।
eGFR कितना होना चाहिए?
90 या ज़्यादा सामान्य है। 60 से कम लगातार 3 महीने रहे तो किडनी की बीमारी मानी जाती है।
Uric acid ज़्यादा हो तो क्या करें?
शराब, मांस और मीठे पेय कम करें, पानी पिएँ और डॉक्टर से मिलें। Gout या पथरी हो तो दवा की ज़रूरत पड़ सकती है।
क्या KFT के लिए खाली पेट जाना ज़रूरी है?
आमतौर पर नहीं, पर कुछ labs कहती हैं। अपनी lab से पूछ लें।
Urine albumin जाँच क्यों ज़रूरी है?
यह किडनी में नुकसान का सबसे शुरुआती संकेत है, अक्सर creatinine बढ़ने से पहले।