वायरल बुखार, सर्दी-ज़ुकाम और Flu
वायरस से होने वाला बुखार और सर्दी-ज़ुकाम ज़्यादातर 3–7 दिन में अपने-आप ठीक हो जाता है। आराम, पानी और सही देखभाल काफ़ी है। Antibiotic इस पर काम नहीं करती।
- कितने दिन
- आमतौर पर 3–7 दिन
- Antibiotic
- वायरस पर असर नहीं
- जाँच कब
- 2–3 दिन से ज़्यादा बुखार
- मुख्य इलाज
- आराम, पानी, Paracetamol
वायरल बुखार क्या है?
कई तरह के वायरस बुखार, सर्दी-ज़ुकाम और बदन दर्द करते हैं। इन्हें आम भाषा में "वायरल" कहते हैं।
| सर्दी-ज़ुकाम | Flu (Influenza) | |
|---|---|---|
| शुरुआत | धीरे-धीरे | अचानक |
| बुखार | हल्का या नहीं | तेज़ |
| बदन दर्द, थकान | हल्की | बहुत ज़्यादा |
| नाक बहना, छींक | बहुत | कभी-कभी |
| गंभीरता | हल्का | बुज़ुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती में गंभीर हो सकता है |
बरसात और उसके बाद के मौसम में हर बुखार वायरल नहीं होता। डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के शुरुआती लक्षण भी ऐसे ही होते हैं।
कैसे फैलता है?
- बीमार व्यक्ति की खाँसी-छींक की बूँदों से।
- वायरस वाले हाथ से नाक, आँख या मुँह छूने से।
- भीड़ वाली, बंद जगहों पर ज़्यादा फैलता है।
- लक्षण शुरू होने के पहले कुछ दिन सबसे ज़्यादा फैलता है।
लक्षण
- बुखार, ठंड लगना
- नाक बहना या बंद होना, छींक
- गले में खराश
- खाँसी
- सिरदर्द, बदन दर्द, थकान
- भूख न लगना, कभी-कभी उल्टी या दस्त
बुखार 3–5 दिन में उतर जाता है, लेकिन खाँसी और कमज़ोरी 2–3 हफ्ते तक रह सकती है।
खतरे के संकेत (Warning signs)
बड़ों में
- साँस लेने में तकलीफ़ या सीने में दर्द
- बहुत तेज़ सिरदर्द के साथ गर्दन में अकड़न
- भ्रम, बहुत सुस्ती या बेहोशी
- शरीर पर ऐसे दाने जो गिलास दबाने पर भी गायब न हों
- बार-बार उल्टी, पानी की कमी, बहुत कम पेशाब
- झटके आना
- ठीक होते-होते अचानक फिर से तेज़ बुखार और खाँसी बढ़ना
बच्चों में
- 3 महीने से छोटे बच्चे को कोई भी बुखार
- तेज़ साँस, पसलियाँ धँसना
- दूध या पानी न पीना
- बहुत सुस्ती, जगाने पर न जागना
- झटके आना
- 6 घंटे से ज़्यादा पेशाब न आना
जाँच कब ज़रूरी है?
- सामान्य सर्दी-ज़ुकाम में किसी जाँच की ज़रूरत नहीं होती।
- बुखार 2–3 दिन से ज़्यादा रहे तो डॉक्टर CBC, डेंगू (NS1), मलेरिया और ज़रूरत हो तो टाइफाइड की जाँच कराते हैं।
- बीमारी फैली हो तो flu या COVID की जाँच।
- साँस फूले तो oxygen (SpO2) और छाती का X-ray।
घर पर देखभाल और इलाज
- आराम करें और भरपूर तरल लें: पानी, ORS, सूप, दाल का पानी, नारियल पानी।
- बुखार और दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह से Paracetamol।
- बंद नाक के लिए भाप लें या नमक वाली नाक की बूँदें (saline drops)।
- गले की खराश में गुनगुने नमक पानी से गरारे।
- खाँसी में 1 साल से बड़े बच्चों और बड़ों को शहद दे सकते हैं।
- Antibiotic वायरस पर काम नहीं करती। डॉक्टर तभी देते हैं जब बैक्टीरिया वाला संक्रमण हो।
- Flu में ज़्यादा खतरे वाले लोगों (बुज़ुर्ग, गर्भवती, पुरानी बीमारी) को डॉक्टर antiviral दवा दे सकते हैं।
खान-पान
- हल्का, गरम और आसानी से पचने वाला खाना: खिचड़ी, दलिया, सूप, दाल-चावल
- मौसमी फल, नारियल पानी
- दही, चावल, केला खा सकते हैं, इनसे सर्दी नहीं बढ़ती
- भूख न हो तो ज़बरदस्ती न खिलाएँ, पर तरल लेते रहें
बच्चों में बुखार
- Paracetamol की मात्रा बच्चे के वज़न से तय होती है। बड़ों की गोली तोड़कर न दें।
- बच्चों को Aspirin कभी न दें।
- 4 साल से छोटे बच्चों को खाँसी-ज़ुकाम का सिरप डॉक्टर की सलाह के बिना न दें।
- 1 साल से छोटे बच्चे को शहद न दें।
- तेज़ बुखार में सामान्य (गुनगुने) पानी से शरीर पोंछें। ठंडा पानी, बर्फ़ या spirit न लगाएँ।
- बुखार में बच्चे को कंबल से ढककर न रखें, हल्के कपड़े पहनाएँ।
- माँ का दूध जारी रखें।
बुज़ुर्गों और ज़्यादा खतरे वाले लोगों में
- बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज़, दिल, फेफड़े या किडनी के मरीज़ों में flu से निमोनिया हो सकता है।
- बुखार के साथ साँस फूले, भ्रम हो या खाना-पीना छोड़ दें तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ।
- हर साल flu का टीका लगवाने के बारे में डॉक्टर से पूछें।
कब डॉक्टर या hospital जाएँ?
- ऊपर दिया कोई भी खतरे का संकेत: तुरंत
- बुखार 2–3 दिन से ज़्यादा
- बुखार 103°F से ऊपर, जो दवा से न उतरे
- खाँसी 3 हफ्ते से ज़्यादा (टीबी की जाँच ज़रूरी हो सकती है)
- मरीज़ छोटा बच्चा, बुज़ुर्ग, गर्भवती या पुरानी बीमारी वाला हो
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- General Physician (MBBS) / PHC
- Pediatrician: बच्चों के लिए
- ENT: बार-बार गले या कान की तकलीफ़
- MD Medicine: बुज़ुर्ग या गंभीर मरीज़
क्या न करें?
- हर बुखार में अपने मन से antibiotic न लें।
- बुखार उतारने के लिए झोलाछाप से injection या drip न लगवाएँ।
- एक साथ कई सर्दी-बुखार की दवाएँ न लें। कई दवाओं में पहले से Paracetamol होता है और ज़्यादा मात्रा लिवर को नुकसान पहुँचाती है।
- बच्चों को Aspirin न दें, और ठंडे पानी या बर्फ़ से न पोंछें।
- बरसात में 2–3 दिन से ज़्यादा बुखार को वायरल मानकर जाँच न टालें।
बचाव कैसे करें?
- साबुन से बार-बार हाथ धोएँ।
- खाँसते-छींकते समय रूमाल या कोहनी से मुँह ढकें।
- बीमार हों तो घर पर आराम करें, स्कूल या भीड़ में न जाएँ।
- भीड़ वाली जगहों पर mask पहनें, खासकर बीमार हों तो।
- ज़्यादा खतरे वाले लोग हर साल flu का टीका लगवाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या वायरल बुखार में antibiotic लेनी चाहिए?
नहीं। Antibiotic वायरस पर काम नहीं करती। बिना ज़रूरत लेने से साइड इफेक्ट और दवा-प्रतिरोध (resistance) बढ़ता है।
वायरल बुखार कितने दिन रहता है?
बुखार आमतौर पर 3–5 दिन, सर्दी-ज़ुकाम 7–10 दिन और खाँसी 2–3 हफ्ते तक रह सकती है।
क्या बुखार में नहा सकते हैं?
हाँ, गुनगुने पानी से नहाना या शरीर पोंछना ठीक है। इससे आराम मिलता है।
क्या बुखार में दही-चावल खा सकते हैं?
हाँ। इनसे सर्दी नहीं बढ़ती। हल्का और पसंद का खाना खाएँ।
डेंगू की जाँच कब कराएँ?
बरसात के मौसम में बुखार 2 दिन से ज़्यादा हो, या तेज़ बदन दर्द और आँखों के पीछे दर्द हो, तो डॉक्टर की सलाह से जाँच कराएँ।