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LFT Report कैसे समझें
LFT (Liver Function Test) से पता चलता है कि लिवर ठीक से काम कर रहा है या उसमें सूजन या रुकावट है। पीलिया, फैटी लिवर और शराब के असर की जाँच में यह ज़रूरी है।
- पूरा नाम
- Liver Function Test
- मुख्य values
- Bilirubin, SGPT, SGOT
- तैयारी
- कई labs 8–12 घंटे खाली पेट कहती हैं
- शराब
- जाँच से 1–2 दिन पहले न पिएँ
LFT जाँच क्या है?
LFT में खून की कई values एक साथ देखी जाती हैं: bilirubin (पीलेपन का कारण), लिवर के enzymes (SGPT, SGOT, ALP, GGT), जो लिवर में चोट या रुकावट होने पर बढ़ते हैं, और protein (albumin), जो लिवर बनाता है।
कब और कैसे?
- आँखें या पेशाब पीला होना, भूख न लगना, पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द
- Ultrasound में फैटी लिवर
- शराब पीने वालों, डायबिटीज़ और मोटापे में
- टीबी जैसी दवाएँ चलने के दौरान लिवर पर असर देखने के लिए
तैयारी: कई labs 8–12 घंटे खाली पेट जाने को कहती हैं, lab से पूछ लें। जाँच से 1–2 दिन पहले शराब और भारी कसरत न करें। सभी दवाओं की जानकारी दें।
LFT की normal range
| जाँच | Normal range (लगभग) |
|---|---|
| Total Bilirubin | 0.3–1.2 mg/dL |
| Direct Bilirubin | 0–0.3 mg/dL |
| Indirect Bilirubin | 0.2–0.9 mg/dL |
| SGPT (ALT) | 7–40 U/L (कुछ labs में पुरुषों के लिए थोड़ा ज़्यादा) |
| SGOT (AST) | 8–40 U/L |
| ALP | 40–130 U/L (बच्चों और गर्भावस्था में ज़्यादा होना सामान्य) |
| GGT | पुरुष: लगभग 10–60 · महिला: लगभग 5–40 U/L |
| Total Protein | 6.0–8.3 g/dL |
| Albumin | 3.5–5.0 g/dL |
| Globulin | 2.0–3.5 g/dL |
| A/G ratio | 1.1–2.2 |
हर lab की normal range थोड़ी अलग होती है। अपनी report में हर value के आगे लिखी reference range ज़रूर देखें। नीचे दी गई range आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली है।
बढ़ने या घटने का मतलब
| Value | आमतौर पर मतलब |
|---|---|
| Bilirubin ज़्यादा | पीलिया। Indirect ज़्यादा: खून टूटना या Gilbert (हल्की, नुकसानरहित स्थिति)। Direct ज़्यादा: लिवर की बीमारी या पित्त की नली में रुकावट |
| SGPT / SGOT ज़्यादा | लिवर की कोशिकाओं में चोट: फैटी लिवर, hepatitis, शराब, कुछ दवाएँ। बहुत ज़्यादा (कई गुना) हो तो अचानक hepatitis हो सकता है |
| SGOT, SGPT से लगभग दोगुना | कई बार शराब से लिवर पर असर का संकेत, डॉक्टर तय करेंगे |
| ALP और GGT ज़्यादा | पित्त की नली में रुकावट, पथरी। सिर्फ ALP ज़्यादा: हड्डियों से भी हो सकता है |
| सिर्फ GGT ज़्यादा | अक्सर शराब या कुछ दवाएँ |
| Albumin कम | लंबी लिवर बीमारी, कुपोषण, या किडनी से protein निकलना |
फैटी लिवर में LFT पूरी तरह सामान्य भी आ सकती है। सामान्य LFT का मतलब हमेशा यह नहीं कि लिवर में कोई समस्या नहीं।
ये हो तो तुरंत डॉक्टर या hospital
- पीलिया के साथ भ्रम, बहुत नींद, खून की उल्टी या काला मल
- SGPT/SGOT सामान्य से कई गुना ज़्यादा और साथ में उल्टी, बहुत कमज़ोरी
- पीलिया के साथ तेज़ बुखार, कंपकंपी और पेट दर्द
- गर्भवती महिला की LFT गड़बड़ या पीलिया
- टीबी या दूसरी दवा चलते समय पीलिया या उल्टी: दवा के बारे में तुरंत डॉक्टर से मिलें
कौन-सा डॉक्टर दिखाएँ?
- General Physician: report समझने के लिए
- Gastroenterologist / Hepatologist: values ज़्यादा बढ़ी हों या बार-बार गड़बड़
- Surgeon: पथरी या रुकावट
क्या न करें?
- LFT गड़बड़ हो तो शराब बिल्कुल न पिएँ।
- "Liver tonic" या बिना जाँची जड़ी-बूटियाँ अपने मन से न लें, कुछ खुद लिवर को नुकसान पहुँचाती हैं।
- दर्द की गोलियाँ और Paracetamol ज़्यादा मात्रा में न लें।
- झाड़-फूंक के भरोसे इलाज में देर न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
SGPT normal कितना होता है?
ज़्यादातर labs में लगभग 7 से 40 U/L। कुछ labs में पुरुषों के लिए सीमा थोड़ी ज़्यादा होती है।
Bilirubin कितना होना चाहिए?
Total bilirubin लगभग 0.3 से 1.2 mg/dL सामान्य है।
SGPT बढ़ने का सबसे आम कारण क्या है?
भारत में फैटी लिवर, वायरल hepatitis, शराब और कुछ दवाएँ आम कारण हैं।
क्या LFT के लिए खाली पेट जाना ज़रूरी है?
कई labs 8–12 घंटे खाली पेट कहती हैं। अपनी lab से पूछ लें।
क्या LFT सामान्य होने का मतलब फैटी लिवर नहीं है?
नहीं, फैटी लिवर में LFT सामान्य भी आ सकती है। Ultrasound और FibroScan ज़्यादा जानकारी देते हैं।