मिर्गी (Epilepsy)
दिमाग की ऐसी बीमारी जिसमें बार-बार दौरे पड़ते हैं। यह छूत की बीमारी, पागलपन या भूत-प्रेत नहीं है। ज़्यादातर लोगों के दौरे रोज़ की दवा से पूरी तरह नियंत्रित हो जाते हैं और वे सामान्य जीवन जीते हैं।
- छूत की बीमारी?
- नहीं
- दवा से नियंत्रण
- ज़्यादातर मरीज़ों में
- दौरे में
- मुँह में कुछ न डालें
- 108 कब
- दौरा 5 मिनट से ज़्यादा
मिर्गी क्या है?
दिमाग की कोशिकाएँ बिजली जैसे संकेतों से काम करती हैं। जब अचानक इन संकेतों में गड़बड़ी होती है, तो दौरा पड़ता है। बिना किसी तात्कालिक कारण के बार-बार दौरे पड़ें तो इसे मिर्गी कहते हैं।
| दौरे का प्रकार | कैसा दिखता है |
|---|---|
| पूरे शरीर का दौरा | अचानक बेहोशी, शरीर अकड़ना, फिर झटके, जीभ कटना, पेशाब निकलना, बाद में भ्रम और नींद |
| Absence (बच्चों में) | कुछ सेकंड के लिए एकटक देखना, जवाब न देना, फिर सामान्य |
| Focal | शरीर के एक हिस्से में झटके, अजीब एहसास, भ्रम, होंठ चबाना, बिना मकसद हरकतें |
कारण
- कई बार कोई साफ़ कारण नहीं मिलता
- सिर की चोट
- दिमाग का संक्रमण, खासकर भारत में फीताकृमि के अंडे (पेट के कीड़े देखें), दिमागी बुखार
- जन्म के समय दिमाग को oxygen की कमी
- लकवा, दिमाग की गाँठ
- परिवार में मिर्गी
- शराब और नशा
दौरे को बढ़ाने वाली बातें
- दवा छूट जाना, सबसे आम कारण
- नींद पूरी न होना
- शराब या नशा
- तेज़ बुखार, बीमारी
- तनाव
- कुछ लोगों में चमकती रोशनी
- भूखे रहना
दौरे के समय क्या करें
- शांत रहें और समय देखें, दौरा कितनी देर चला।
- आसपास की कठोर, नुकीली चीज़ें हटाएँ। सिर के नीचे कुछ नरम रखें।
- गले के कपड़े ढीले करें, चश्मा उतारें।
- झटके रुकने पर व्यक्ति को करवट से लिटाएँ, ताकि थूक या उल्टी गले में न जाए।
- पूरी तरह होश आने तक साथ रहें, प्यार से बात करें।
क्या बिल्कुल न करें
- मुँह में कुछ न डालें: चम्मच, उंगली, कपड़ा। जीभ अंदर नहीं जाती, पर दाँत टूट सकते हैं या आपकी उंगली कट सकती है।
- झटकों को रोकने के लिए हाथ-पैर पकड़कर दबाएँ नहीं।
- जूता, प्याज़ या कुछ भी सुँघाएँ नहीं, इससे कोई फ़ायदा नहीं होता।
- पूरी तरह होश आने तक पानी या दवा मुँह में न दें।
तुरंत 108 पर call करें जब
- दौरा 5 मिनट से ज़्यादा चले
- बिना होश आए एक के बाद एक दौरे
- किसी को पहली बार दौरा पड़ा हो
- दौरे के बाद साँस लेने में दिक्कत या होश न आए
- चोट लगी हो या पानी में दौरा पड़ा हो
- गर्भवती महिला या डायबिटीज़ के मरीज़ को दौरा
जाँच
| जाँच | क्या बताती है |
|---|---|
| EEG | दिमाग की बिजली की गतिविधि, दौरे का प्रकार |
| MRI / CT | दिमाग में चोट, संक्रमण, गाँठ या फीताकृमि |
| Blood sugar, sodium, calcium | दौरे के दूसरे कारण |
दौरे का video (अगर घरवाले बना सकें) डॉक्टर को पहचान में बहुत मदद करता है।
इलाज
- रोज़ की दवा, हर दिन एक ही समय पर। ज़्यादातर लोगों के दौरे इससे नियंत्रित हो जाते हैं।
- दवा अचानक कभी बंद न करें, इससे लगातार दौरे पड़ सकते हैं जो जानलेवा हैं।
- दवा छूट जाए तो क्या करें, यह डॉक्टर से पहले से पूछकर रखें।
- सालों तक दौरे न आएँ तो डॉक्टर धीरे-धीरे दवा कम करने पर विचार कर सकते हैं।
- दवा से नियंत्रण न हो तो ऑपरेशन या दूसरे इलाज के बारे में Neurologist से बात करें।
- सरकारी अस्पतालों में मिर्गी की कई दवाएँ मुफ्त मिलती हैं।
रोज़ की सुरक्षा
- अकेले तैरने या नदी-तालाब में नहाने न जाएँ।
- बाल्टी या टब की जगह खड़े होकर नहाएँ।
- ऊँचाई, छत की किनारी, खुली आग और मशीनों के पास सावधानी।
- दौरे नियंत्रित होने तक गाड़ी न चलाएँ। गाड़ी चलाने के नियमों के बारे में डॉक्टर से पूछें।
- घरवालों और साथ काम करने वालों को दौरे में क्या करना है, बता दें।
- नींद पूरी लें, शराब से दूर रहें।
महिलाओं और गर्भावस्था में
- मिर्गी वाली महिलाएँ शादी कर सकती हैं और स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं।
- गर्भधारण की योजना से पहले Neurologist से मिलें। कुछ दवाएँ (जैसे valproate) बच्चे को नुकसान पहुँचा सकती हैं, इन्हें बदलना पड़ सकता है।
- गर्भधारण से पहले से folic acid लें, डॉक्टर मात्रा बताएँगे।
- गर्भावस्था में दवा अपने मन से बंद न करें, दौरे माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हैं।
- मिर्गी की कुछ दवाएँ गर्भनिरोधक गोली का असर कम करती हैं।
बच्चों में
- बुखार वाले दौरे: 6 महीने से 5 साल के बच्चों में तेज़ बुखार के साथ दौरा। ज़्यादातर नुकसानदेह नहीं होते और यह मिर्गी नहीं है। पहली बार हो तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ।
- बच्चे का कुछ सेकंड के लिए बार-बार एकटक देखना absence दौरे हो सकते हैं, पढ़ाई में दिक्कत आती है।
- स्कूल में शिक्षक को बताएँ और दौरे में क्या करना है, समझाएँ।
- मिर्गी वाले बच्चे पढ़-लिख और खेल सकते हैं।
बुज़ुर्गों में
- बुज़ुर्गों में मिर्गी अक्सर लकवे के बाद या दिमाग की दूसरी बीमारी से शुरू होती है।
- दौरे भ्रम या कुछ देर की बेहोशी जैसे दिख सकते हैं।
- कई दवाएँ साथ चलती हों तो डॉक्टर को सबकी जानकारी दें।
कब डॉक्टर को दिखाएँ?
- ऊपर दिए हालात में: तुरंत 108
- पहली बार दौरा
- दवा के बाद भी दौरे
- दवा से साइड इफेक्ट (बहुत नींद, दाने, चक्कर)
- गर्भधारण की योजना
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- Neurologist: मुख्य डॉक्टर
- Pediatric Neurologist / Pediatrician: बच्चों के लिए
- General Physician: शुरुआती इलाज और दवा जारी रखने में
क्या न करें?
- दवा अचानक बंद न करें।
- झाड़-फूंक या तांत्रिक के भरोसे इलाज न छोड़ें।
- दौरे में मुँह में कुछ न डालें, जूता न सुँघाएँ।
- बीमारी छुपाएँ नहीं।
- शराब न पिएँ, रात भर न जागें।
दौरे नियंत्रित रखने के लिए
- रोज़ समय पर दवा।
- पूरी नींद।
- शराब और नशे से दूरी।
- दौरे की डायरी रखें।
- नियमित follow-up।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या मिर्गी छूत की बीमारी है?
नहीं। मिर्गी छूने या साथ रहने से नहीं फैलती।
क्या मिर्गी ठीक हो सकती है?
ज़्यादातर लोगों के दौरे दवा से रुक जाते हैं। कुछ लोग सालों तक दौरे न आने पर डॉक्टर की सलाह से दवा बंद भी कर पाते हैं।
क्या मिर्गी वाले व्यक्ति की शादी हो सकती है?
हाँ। मिर्गी वाले लोग शादी करते हैं और उनके स्वस्थ बच्चे होते हैं।
दौरे में मुँह में चम्मच क्यों नहीं डालना चाहिए?
दौरे में जीभ गले में नहीं जाती। मुँह में कुछ डालने से दाँत टूट सकते हैं, साँस रुक सकती है या आपकी उंगली कट सकती है।
क्या जूता या प्याज़ सुँघाने से दौरा रुकता है?
नहीं। इसका कोई फ़ायदा नहीं है। ज़्यादातर दौरे 1–2 मिनट में अपने-आप रुक जाते हैं।