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पेट के कीड़े (Intestinal Worms)
आँतों में रहने वाले परजीवी कीड़े, जो खासकर बच्चों में खून की कमी, कमज़ोरी और कम विकास का कारण बनते हैं। एक सस्ती गोली और साफ़-सफ़ाई से इनसे आसानी से बचा जा सकता है।
- किसमें ज़्यादा
- बच्चे
- कैसे फैलते
- गंदे हाथ, मिट्टी, नंगे पैर, बिना धुली सब्ज़ी
- दवा
- राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर मुफ्त
- कितनी बार
- हर 6 महीने
पेट के कीड़ों के प्रकार
| कीड़ा | कैसे पहचानें |
|---|---|
| गोल कृमि (Roundworm) | केंचुए जैसे लंबे कीड़े, कभी मल या उल्टी में दिखते हैं |
| अंकुश कृमि (Hookworm) | नंगे पैर से त्वचा के रास्ते घुसते हैं, खून चूसते हैं, खून की कमी करते हैं |
| चुनचुने (Pinworm / Threadworm) | सफ़ेद धागे जैसे छोटे कीड़े, रात में मलद्वार पर खुजली |
| फीताकृमि (Tapeworm) | अधपके सूअर या गाय के मांस से। इसके अंडे दिमाग में पहुँचकर मिर्गी के दौरे कर सकते हैं |
कैसे फैलते हैं?
- खुले में शौच से कीड़ों के अंडे मिट्टी में मिलते हैं
- गंदे हाथों से खाना खाने से, नाखूनों में मिट्टी
- बिना धुले फल-सब्ज़ी
- नंगे पैर मिट्टी में चलने से (अंकुश कृमि)
- दूषित पानी
- चुनचुने: खुजलाने से अंडे नाखूनों में आते हैं और फिर मुँह में, कपड़ों और बिस्तर से परिवार में
- अधपका मांस (फीताकृमि)
लक्षण
- अक्सर कोई लक्षण नहीं
- पेट दर्द, जी मिचलाना, भूख न लगना
- दस्त या कब्ज़
- खून की कमी, थकान, पीलापन (अंकुश कृमि)
- बच्चों का वज़न और कद न बढ़ना, पढ़ाई में ध्यान न लगना
- रात में मलद्वार पर खुजली, नींद में बेचैनी (चुनचुने)
- मल या उल्टी में कीड़े दिखना
दाँत पीसना या मीठा ज़्यादा खाना कीड़ों का पक्का संकेत नहीं है। मीठा खाने से कीड़े नहीं होते।
खतरे के संकेत (Warning signs)
इनमें से कोई भी हो तो तुरंत hospital जाएँ:
- पेट में तेज़ दर्द, बार-बार उल्टी और पेट फूलना, मल-गैस न निकलना (कीड़ों के गुच्छे से आँत रुकना, बच्चों में)
- उल्टी में कीड़े के साथ साँस लेने में दिक्कत
- मिर्गी जैसे दौरे
- बहुत ज़्यादा खून की कमी: साँस फूलना, बहुत पीलापन, सूजन
- मल में खून
- आँखें पीली होना के साथ पेट दर्द
जाँच
- मल की जाँच (stool test), कभी-कभी 2–3 बार।
- चुनचुने के लिए सुबह मलद्वार पर चिपकने वाला टेप लगाकर जाँच।
- CBC: खून की कमी और eosinophils।
- दौरे आए हों तो दिमाग का CT/MRI।
इलाज
- Albendazole की एक चबाने वाली गोली ज़्यादातर पेट के कीड़ों पर असरदार है। मात्रा उम्र के हिसाब से होती है, जो ASHA, शिक्षक या डॉक्टर बताते हैं।
- राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (हर साल फ़रवरी और अगस्त) पर 1 से 19 साल के सभी बच्चों को स्कूल और आंगनवाड़ी में यह गोली मुफ्त मिलती है।
- कीड़े ज़्यादा हों तो गोली के बाद थोड़ा पेट दर्द या जी मिचलाना हो सकता है, जो जल्दी ठीक हो जाता है।
- चुनचुने में पूरे परिवार का एक साथ इलाज, और डॉक्टर की सलाह से 2 हफ्ते बाद दोबारा खुराक।
- फीताकृमि और दिमाग में फीताकृमि के अंडों का इलाज अलग दवाओं से, डॉक्टर की निगरानी में।
- खून की कमी हो तो साथ में आयरन की गोली।
साफ़-सफ़ाई से बचाव
- शौचालय का इस्तेमाल करें, खुले में शौच न करें।
- शौच के बाद और खाने से पहले साबुन से हाथ धोएँ।
- चप्पल पहनें, नंगे पैर मिट्टी में न चलें।
- फल-सब्ज़ी साफ़ पानी से धोकर खाएँ।
- नाखून छोटे और साफ़ रखें, नाखून न चबाएँ।
- पीने का पानी साफ़ या उबला हुआ।
- मांस पूरी तरह पकाकर खाएँ।
- चुनचुने हों तो चादर, कपड़े, तौलिया गर्म पानी में धोएँ, रोज़ सुबह नहाएँ।
बच्चों में
- बच्चे मिट्टी में खेलते हैं और हाथ मुँह में डालते हैं, इसलिए उनमें कीड़े सबसे ज़्यादा होते हैं।
- हर 6 महीने कीड़े की दवा दिलवाएँ।
- कीड़ों से होने वाली खून की कमी बच्चे की पढ़ाई और विकास पर असर डालती है।
- बच्चे को शौच के बाद और खाने से पहले हाथ धोना सिखाएँ।
बड़ों और गर्भवती महिलाओं में
- बड़ों को भी कीड़े होते हैं, खासकर खेतों में काम करने वाले और नंगे पैर चलने वाले।
- लक्षण हों तो डॉक्टर की सलाह से दवा लें।
- गर्भवती महिलाओं को कीड़े की दवा आमतौर पर पहले 3 महीने के बाद दी जाती है। डॉक्टर या ANM से पूछकर ही लें।
कब डॉक्टर को दिखाएँ?
- ऊपर दिया कोई भी खतरे का संकेत: तुरंत
- मल में कीड़े दिखें
- बच्चे में खून की कमी या वज़न न बढ़ना
- दवा के बाद भी खुजली या लक्षण बने रहें
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- ASHA / आंगनवाड़ी / स्कूल: मुफ्त कीड़े की दवा
- General Physician / PHC
- Pediatrician: बच्चों के लिए
- Neurologist: दौरे आएँ तो
क्या न करें?
- कीड़ों के लिए घरेलू नुस्खों के भरोसे दवा न छोड़ें।
- कृमि मुक्ति दिवस की गोली न छोड़ें।
- खुले में शौच न करें।
- नंगे पैर न चलें।
- बिना धुली सब्ज़ी या अधपका मांस न खाएँ।
बचाव कैसे करें?
- हर 6 महीने कीड़े की दवा।
- साबुन से हाथ धोना।
- शौचालय और चप्पल।
- साफ़ पानी, धुली सब्ज़ी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या मीठा खाने से पेट में कीड़े होते हैं?
नहीं। कीड़े गंदगी, मिट्टी और गंदे हाथों से होते हैं, मीठे से नहीं।
कीड़े की दवा कितनी बार लेनी चाहिए?
भारत में बच्चों को हर 6 महीने एक बार दी जाती है।
क्या बड़ों को भी कीड़े की दवा लेनी चाहिए?
लक्षण हों या डॉक्टर कहें तो हाँ।
दवा के बाद पेट दर्द क्यों हुआ?
कीड़े ज़्यादा हों तो दवा के बाद हल्का पेट दर्द या जी मिचलाना हो सकता है। यह जल्दी ठीक हो जाता है।
क्या दाँत पीसना कीड़ों का संकेत है?
यह एक आम धारणा है, पर दाँत पीसना कीड़ों का पक्का संकेत नहीं है।