सफ़ेद दाग (Vitiligo)
त्वचा का रंग बनाने वाली कोशिकाएँ कम होने से त्वचा पर दूधिया सफ़ेद धब्बे बनना। यह छूने से नहीं फैलता, कुष्ठ रोग नहीं है और खाने से नहीं होता। इलाज से कई लोगों में फैलाव रुकता है और रंग वापस आता है।
- छूत की बीमारी?
- नहीं
- कुष्ठ रोग?
- नहीं
- मछली-दूध से?
- नहीं, यह गलतफ़हमी है
- इलाज
- फैलाव रोकना, रंग वापस लाना
सफ़ेद दाग क्या है?
त्वचा का रंग melanocytes नाम की कोशिकाएँ बनाती हैं। सफ़ेद दाग में शरीर की रोग-प्रतिरोधक प्रणाली गलती से इन कोशिकाओं को नष्ट कर देती है, जिससे उस जगह की त्वचा सफ़ेद हो जाती है।
| प्रकार | कैसा होता है |
|---|---|
| Non-segmental (सबसे आम) | शरीर के दोनों तरफ़ मिलते-जुलते धब्बे, धीरे-धीरे या अचानक फैल सकते हैं |
| Segmental | शरीर के एक ही तरफ़, एक हिस्से में, आमतौर पर कुछ समय बाद फैलना रुक जाता है |
| Focal | एक या कुछ छोटे धब्बे |
कारण और गलतफ़हमियाँ
- शरीर की रोग-प्रतिरोधक प्रणाली की गड़बड़ी (autoimmune)
- परिवार में सफ़ेद दाग हो तो खतरा थोड़ा बढ़ता है, पर ज़्यादातर बच्चों को नहीं होता
- थायराइड की बीमारी, डायबिटीज़ और कुछ दूसरी autoimmune बीमारियाँ इसके साथ ज़्यादा होती हैं
- त्वचा पर चोट, जलना या रगड़ से उस जगह नया धब्बा बन सकता है
| गलतफ़हमी | सच |
|---|---|
| छूने से फैलता है | नहीं। साथ खाने, रहने, छूने से बिल्कुल नहीं फैलता |
| यह कुष्ठ रोग है | नहीं। दोनों बिल्कुल अलग बीमारियाँ हैं |
| मछली के बाद दूध पीने से होता है | नहीं। किसी खाने से सफ़ेद दाग नहीं होता |
| खट्टा खाने से बढ़ता है | इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं |
| शादी या बच्चे नहीं हो सकते | गलत। सफ़ेद दाग वाले लोग सामान्य वैवाहिक और पारिवारिक जीवन जीते हैं |
लक्षण और दूसरे सफ़ेद धब्बों से फ़र्क
- दूधिया सफ़ेद, साफ़ किनारे वाले धब्बे
- अक्सर आँखों, मुँह, उंगलियों, हाथ-पैर, घुटने-कोहनी, जननांग के आसपास
- धब्बे में बाल भी सफ़ेद होना
- आमतौर पर खुजली या दर्द नहीं
- धब्बों वाली त्वचा धूप में जल्दी जलती है
| धब्बा | कैसे पहचानें |
|---|---|
| सफ़ेद दाग | दूधिया सफ़ेद, साफ़ किनारे, छूने का एहसास सामान्य |
| कुष्ठ रोग | हल्का रंग (पूरा सफ़ेद नहीं), धब्बे पर सुन्नपन, गर्म-ठंडा या छूना महसूस न होना |
| फंगल (Tinea versicolor) | सीने-पीठ पर हल्के, बारीक पपड़ी वाले धब्बे, पसीने में बढ़ते |
| बच्चों के चेहरे पर सूखे धब्बे | हल्के, सूखे, धुंधले किनारे, अपने-आप ठीक हो जाते हैं |
किसी धब्बे पर सुन्नपन हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ। कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक होता है और इसका इलाज सरकारी केंद्रों पर मुफ्त है।
इन हालात में जल्दी त्वचा विशेषज्ञ को दिखाएँ
- धब्बे तेज़ी से फैल रहे हों या नए धब्बे बार-बार बन रहे हों
- किसी धब्बे पर सुन्नपन हो
- धब्बों के साथ थायराइड के लक्षण: थकान, वज़न बदलना, धड़कन तेज़
- चोट या रगड़ की जगह नए धब्बे बनना
- धब्बों की वजह से उदासी, शर्म या लोगों से मिलना छोड़ देना
जाँच
| जाँच | क्या बताती है |
|---|---|
| Wood's lamp (खास रोशनी) | धब्बे साफ़ दिखते हैं, पहचान आसान |
| TSH, Anti-TPO | थायराइड की बीमारी |
| Blood sugar, CBC | डायबिटीज़ और दूसरी बीमारियाँ |
| Biopsy | बहुत कम, जब पहचान में शक हो |
इलाज
- इलाज के दो लक्ष्य हैं: फैलाव रोकना और रंग वापस लाना।
- क्रीम: त्वचा विशेषज्ञ की निगरानी में steroid या tacrolimus जैसी क्रीम, खासकर चेहरे पर।
- Light therapy (NB-UVB): हफ्ते में 2–3 बार खास रोशनी देना। बड़े हिस्से में फैले दाग में असरदार।
- तेज़ी से फैलते दाग में डॉक्टर कुछ समय के लिए गोलियाँ दे सकते हैं।
- Surgery (grafting): जब दाग कम से कम 1 साल से स्थिर हो और फैल न रहा हो।
- रंग वापस आने में कई महीने लगते हैं। चेहरा-गर्दन में जल्दी, हाथ-पैर की उंगलियों और होंठों में देर से असर होता है।
- Camouflage makeup से धब्बे छुपाए जा सकते हैं, अगर आप चाहें।
धूप से बचाव और खान-पान
- सफ़ेद धब्बों पर धूप से जलन जल्दी होती है। बाहर जाते समय sunscreen लगाएँ और पूरे कपड़े पहनें।
- त्वचा पर चोट, रगड़ या टाइट कपड़ों से बचें।
- कोई खास खाना बंद करने की ज़रूरत नहीं है। खट्टे फल, Vitamin C, मछली-दूध सब सामान्य रूप से खा सकते हैं।
- संतुलित, पौष्टिक खाना लें।
मन पर असर
- सफ़ेद दाग शारीरिक रूप से नुकसानदेह नहीं, पर समाज की गलतफ़हमियों से कई लोग शर्म या उदासी महसूस करते हैं।
- परिवार का सहारा बहुत ज़रूरी है। बच्चे या परिवार के सदस्य का मज़ाक न उड़ने दें।
- उदासी लगातार रहे तो डॉक्टर या counselor से बात करें। डिप्रेशन के बारे में पढ़ें।
बच्चों में
- बच्चों में भी सफ़ेद दाग होता है, और इलाज का असर अक्सर अच्छा होता है।
- स्कूल में शिक्षकों को बताएँ कि यह छूत की बीमारी नहीं है।
- बच्चों पर तेज़ क्रीम सिर्फ डॉक्टर की सलाह से लगाएँ।
बड़ी उम्र में
- बड़ी उम्र में पिंडलियों और बाँहों पर छोटे-छोटे सफ़ेद बिंदु अक्सर उम्र और धूप के असर से होते हैं, ये सफ़ेद दाग नहीं हैं।
- बड़ी उम्र में नए फैलते धब्बे हों तो त्वचा विशेषज्ञ को दिखाएँ और थायराइड-शुगर जाँचें।
कब डॉक्टर को दिखाएँ?
- कोई भी नया सफ़ेद धब्बा दिखे: पहचान के लिए
- ऊपर दिए हालात में जल्दी
- इलाज के दौरान हर कुछ महीने follow-up
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- Dermatologist (त्वचा रोग विशेषज्ञ): मुख्य डॉक्टर
- Endocrinologist: थायराइड या शुगर की बीमारी साथ में
- Counselor / Psychologist: मन पर असर हो तो
क्या न करें?
- "सफ़ेद दाग जड़ से खत्म" वाले तेल, पाउडर या झाड़-फूंक के भरोसे इलाज न छोड़ें।
- धब्बों पर तेज़ केमिकल, तेज़ाब या जलाने वाली चीज़ें न लगाएँ।
- Steroid क्रीम लंबे समय तक बिना डॉक्टर की निगरानी के न लगाएँ।
- सुन्नपन वाले धब्बे को नज़रअंदाज़ न करें।
- बीमारी के कारण खुद को अलग न करें, शर्म न करें।
रोज़ की देखभाल
- Sunscreen और धूप से बचाव।
- त्वचा पर चोट और रगड़ से बचाव।
- डॉक्टर के बताए इलाज को नियमित करें, धैर्य रखें।
- थायराइड की जाँच समय-समय पर कराएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या सफ़ेद दाग छूने से फैलता है?
नहीं। यह छूत की बीमारी नहीं है।
क्या मछली खाकर दूध पीने से सफ़ेद दाग होता है?
नहीं। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। किसी खाने से सफ़ेद दाग नहीं होता।
क्या सफ़ेद दाग पूरी तरह ठीक हो सकता है?
कई लोगों में इलाज से फैलाव रुकता है और काफ़ी रंग वापस आ जाता है। नतीजा व्यक्ति और धब्बे की जगह पर निर्भर करता है।
क्या सफ़ेद दाग वाले व्यक्ति के बच्चों को भी होगा?
खतरा थोड़ा बढ़ता है, पर ज़्यादातर बच्चों को नहीं होता।
सफ़ेद दाग और कुष्ठ रोग में क्या फ़र्क है?
सफ़ेद दाग में त्वचा दूधिया सफ़ेद होती है और छूना महसूस होता है। कुष्ठ रोग के धब्बे हल्के रंग के होते हैं और अक्सर सुन्न होते हैं।