सोरायसिस (Psoriasis)
त्वचा की लंबी चलने वाली बीमारी, जिसमें त्वचा पर मोटी, लाल, चाँदी जैसी पपड़ी वाले चकत्ते बनते हैं। यह छूत की बीमारी नहीं है। जड़ से खत्म नहीं होती, पर सही इलाज से अच्छी तरह नियंत्रित रहती है।
- छूत की बीमारी?
- नहीं
- कहाँ ज़्यादा
- कोहनी, घुटने, सिर, कमर
- ठीक होता है?
- नियंत्रित रहता है
- सावधान
- Steroid गोली या injection
सोरायसिस क्या है?
सोरायसिस में शरीर की रोग-प्रतिरोधक प्रणाली की गड़बड़ी से त्वचा की कोशिकाएँ बहुत तेज़ी से बनती हैं। सामान्य रूप से जो कोशिकाएँ लगभग एक महीने में बदलती हैं, वे कुछ दिनों में जमा होकर मोटी पपड़ी बना देती हैं।
यह बीमारी कभी बढ़ती है, कभी शांत रहती है। यह छूने, साथ खाने या साथ रहने से नहीं फैलती।
कारण और ट्रिगर
- परिवार में सोरायसिस
- तनाव
- संक्रमण, खासकर गले का संक्रमण
- त्वचा पर चोट, खरोंच, टैटू
- ठंडा, सूखा मौसम
- धूम्रपान और शराब
- मोटापा
- कुछ दवाएँ (जैसे कुछ BP की दवाएँ, lithium)
- Steroid गोली या injection अचानक बंद करना
लक्षण
- साफ़ किनारे वाले लाल, मोटे चकत्ते, ऊपर चाँदी जैसी सफ़ेद पपड़ी
- अक्सर कोहनी, घुटने, सिर, कमर के निचले हिस्से पर
- खुजली, जलन, त्वचा फटना और खून आना
- सिर में: मोटी पपड़ी, जो डैंड्रफ़ से ज़्यादा मोटी होती है और माथे-कान तक जाती है
- नाखूनों में: छोटे गड्ढे, नाखून मोटे, पीले या उखड़ना
- हथेली-तलवों पर मोटी, फटी त्वचा
- जोड़ों में दर्द, सूजन, सुबह अकड़न (psoriatic arthritis), खासकर उंगलियों में
सोरायसिस के साथ मोटापा, डायबिटीज़, फैटी लिवर, दिल की बीमारी और उदासी का खतरा बढ़ता है। इनकी जाँच भी कराते रहें।
खतरे के संकेत (Warning signs)
इनमें से कोई भी हो तो तुरंत hospital जाएँ:
- पूरा शरीर लाल होना और त्वचा उतरना, साथ में बुखार, ठंड, कमज़ोरी
- शरीर पर फैलते मवाद वाले दाने, साथ में बुखार
- चकत्तों में संक्रमण: दर्द, मवाद, बुखार
- इलाज के दौरान बुखार, गले में खराश, मुँह में छाले या पीलिया (कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट)
जाँच
- त्वचा विशेषज्ञ आमतौर पर देखकर पहचान लेते हैं।
- शक होने पर त्वचा की biopsy।
- जोड़ों में दर्द हो तो X-ray और खून की जाँच।
- कुछ दवाएँ शुरू करने से पहले और दौरान खून, लिवर और किडनी की जाँच, और टीबी की जाँच।
- शुगर, कोलेस्ट्रॉल, BP की नियमित जाँच।
इलाज
- Moisturizer: रोज़, खासकर नहाने के बाद। यह हर इलाज का आधार है।
- क्रीम और मलहम: त्वचा विशेषज्ञ की बताई steroid क्रीम, Vitamin D वाली क्रीम, coal tar, पपड़ी हटाने वाली salicylic acid।
- सिर के लिए खास दवा वाले shampoo और lotion।
- Light therapy (NB-UVB): बड़े हिस्से में फैले सोरायसिस में असरदार।
- गोलियाँ (जैसे methotrexate, cyclosporine, acitretin, apremilast): मध्यम-गंभीर सोरायसिस में, नियमित खून की जाँच के साथ।
- Biologic injection: गंभीर सोरायसिस और जोड़ों के दर्द में।
- इलाज लंबा चलता है। ठीक दिखने पर भी डॉक्टर के बताए अनुसार जारी रखें।
Steroid गोली और injection का खतरा
- सोरायसिस में steroid की गोली या injection से शुरू में तुरंत आराम लगता है, पर बंद करते ही बीमारी पहले से कहीं ज़्यादा भड़क सकती है, कभी-कभी जानलेवा रूप में।
- "सोरायसिस जड़ से खत्म" का दावा करने वाली कई देसी दवाओं में छुपा steroid होता है। इनसे बचें।
रोज़ की देखभाल
- गुनगुने पानी से नहाएँ, गर्म पानी नहीं। नहाने के 3 मिनट के अंदर moisturizer लगाएँ।
- पपड़ी खुरचें या ज़बरदस्ती न उतारें।
- हल्की धूप फ़ायदेमंद हो सकती है, पर धूप से जलना नुकसान करता है।
- धूम्रपान और शराब छोड़ें।
- वज़न कम करें, इससे सोरायसिस और दवाओं का असर दोनों बेहतर होते हैं।
- तनाव कम करें: योग, ध्यान, पूरी नींद।
- सूती, ढीले कपड़े पहनें।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं में
- बच्चों में सोरायसिस अक्सर गले के संक्रमण के बाद छोटे-छोटे बूँद जैसे चकत्तों के रूप में शुरू होता है।
- बच्चों पर तेज़ क्रीम और दवाएँ सिर्फ डॉक्टर की सलाह से।
- Methotrexate और acitretin गर्भावस्था में बच्चे को नुकसान पहुँचाती हैं। इन दवाओं के दौरान और कुछ समय बाद तक गर्भधारण न करें। योजना हो तो पहले डॉक्टर से बात करें।
मन पर असर
- दिखने वाली बीमारी होने से कई लोग शर्म, उदासी या चिंता महसूस करते हैं।
- परिवार और दोस्तों का साथ ज़रूरी है।
- उदासी लगातार रहे तो डॉक्टर से बात करें। डिप्रेशन के बारे में पढ़ें।
कब डॉक्टर को दिखाएँ?
- ऊपर दिया कोई भी खतरे का संकेत: तुरंत
- मोटी पपड़ी वाले नए चकत्ते
- जोड़ों में दर्द या सूजन
- इलाज से आराम न मिले
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- Dermatologist (त्वचा रोग विशेषज्ञ): मुख्य डॉक्टर
- Rheumatologist: जोड़ों का दर्द
- General Physician: शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल की जाँच
क्या न करें?
- Steroid गोली या injection अपने मन से न लें।
- "जड़ से खत्म" वाली देसी दवाओं के भरोसे न रहें।
- पपड़ी खुरचें नहीं।
- ठीक दिखने पर दवा अपने मन से बंद न करें।
- धूम्रपान और शराब न लें।
नियंत्रण कैसे रखें?
- रोज़ moisturizer।
- ट्रिगर पहचानें और उनसे बचें।
- वज़न, शुगर, BP पर ध्यान।
- त्वचा विशेषज्ञ से नियमित follow-up।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या सोरायसिस छूने से फैलता है?
नहीं। सोरायसिस छूत की बीमारी नहीं है।
क्या सोरायसिस पूरी तरह ठीक हो सकता है?
यह जड़ से खत्म नहीं होता, पर सही इलाज से त्वचा लंबे समय तक साफ़ रह सकती है।
क्या कोई खास खाना बंद करना चाहिए?
कोई खास परहेज़ ज़रूरी नहीं। वज़न कम करना, शराब और धूम्रपान छोड़ना सबसे ज़्यादा फ़ायदा करता है।
क्या सोरायसिस वाले शादी कर सकते हैं और बच्चे हो सकते हैं?
हाँ। कुछ दवाओं के दौरान गर्भधारण नहीं करना चाहिए, इसलिए योजना पहले डॉक्टर से बताएँ।
सिर का सोरायसिस और डैंड्रफ़ में क्या फ़र्क है?
सोरायसिस की पपड़ी मोटी, चाँदी जैसी और लाल त्वचा पर होती है और अक्सर माथे-कान तक जाती है। डैंड्रफ़ पतला और हल्का होता है।