टीबी (TB / क्षय रोग)
बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी जो ज़्यादातर फेफड़ों को प्रभावित करती है। टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है, और सरकारी अस्पतालों में इसकी जाँच और पूरा इलाज मुफ्त है।
- कैसे फैलता है
- फेफड़े के टीबी मरीज़ की खाँसी से हवा द्वारा
- मुख्य लक्षण
- 2 हफ्ते से ज़्यादा खाँसी
- इलाज
- कम से कम 6 महीने, मुफ्त
- Helpline
- Nikshay Sampark 1800-11-6666
टीबी क्या है?
टीबी (Tuberculosis) Mycobacterium tuberculosis नाम के बैक्टीरिया से होती है। यह ज़्यादातर फेफड़ों में होती है, पर लसीका ग्रंथि (गले की गाँठें), हड्डी, रीढ़, पेट, दिमाग जैसे दूसरे अंगों में भी हो सकती है।
बहुत से लोगों के शरीर में बैक्टीरिया सोया हुआ (latent TB) रहता है और बीमारी नहीं करता। शरीर की ताकत कम होने पर यह सक्रिय टीबी बन सकता है।
कैसे फैलता है? किसे ज़्यादा खतरा है?
- फेफड़े के टीबी का मरीज़ जब खाँसता, छींकता या बोलता है, तब बैक्टीरिया हवा में आते हैं और पास वाले की साँस से अंदर जाते हैं।
- टीबी छूने, बर्तन, कपड़े, बिस्तर या साथ खाने से नहीं फैलती।
- फेफड़ों के अलावा दूसरे अंगों की टीबी आमतौर पर दूसरों में नहीं फैलती।
- सही इलाज शुरू होने के कुछ हफ्तों में फैलाने का खतरा बहुत कम हो जाता है।
ज़्यादा खतरा
- टीबी मरीज़ के साथ रहने वाले परिवार के लोग
- कुपोषण या कम वज़न वाले लोग
- डायबिटीज़ के मरीज़
- धूम्रपान और शराब पीने वाले
- भीड़ वाले, कम हवा-रोशनी वाले घरों में रहने वाले
- पत्थर, खदान, निर्माण में धूल वाला काम करने वाले
- जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो
लक्षण
- 2 हफ्ते से ज़्यादा खाँसी, बलगम के साथ या बिना
- बलगम में खून आना
- बुखार, खासकर शाम को
- रात में पसीना
- बिना कारण वज़न घटना और भूख न लगना
- सीने में दर्द, थकान, कमज़ोरी
- गले में गाँठें (लसीका ग्रंथि की टीबी में)
2 हफ्ते से ज़्यादा खाँसी हो तो नज़दीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में बलगम की मुफ्त जाँच ज़रूर कराएँ।
खतरे के संकेत (Warning signs)
इनमें से कोई भी संकेत दिखे तो तुरंत hospital जाएँ:
- खाँसी में ज़्यादा मात्रा में खून आना
- साँस लेने में बहुत तकलीफ़
- सीने में तेज़ दर्द
- तेज़ सिरदर्द के साथ गर्दन में अकड़न, उल्टी या भ्रम (दिमाग की टीबी का संकेत)
- बेहोशी या दौरा पड़ना
- बहुत तेज़ बुखार और कुछ भी खा-पी न पाना
- दवा शुरू होने के बाद आँखें या पेशाब पीला होना, बार-बार उल्टी (दवा का असर लिवर पर)
टीबी की जाँच
| जाँच | क्या बताती है |
|---|---|
| NAAT (CBNAAT / TrueNat) बलगम जाँच | टीबी और यह भी कि मुख्य दवा (Rifampicin) असर करेगी या नहीं |
| बलगम की माइक्रोस्कोपी | बलगम में टीबी बैक्टीरिया |
| छाती का X-ray | फेफड़ों में बदलाव |
| दूसरे अंगों की जाँच (गाँठ की जाँच, CT/MRI आदि) | फेफड़े के बाहर की टीबी |
सरकारी अस्पतालों और टीबी केंद्रों में ये जाँचें मुफ्त होती हैं। सही नतीजे के लिए सुबह का पहला गाढ़ा बलगम (थूक नहीं) दें।
इलाज
- सामान्य टीबी का इलाज कम से कम 6 महीने चलता है: पहले 2 महीने ज़्यादा दवाएँ, फिर 4 महीने कम दवाएँ।
- दवा रोज़, बिना एक भी दिन छोड़े लेनी होती है। सरकारी केंद्र पर पूरी दवा मुफ्त मिलती है।
- 2–3 हफ्ते में खाँसी-बुखार में आराम मिलने लगता है, फिर भी पूरा कोर्स ज़रूरी है।
- दवा बीच में छोड़ने से Drug-resistant टीबी (MDR-TB) हो सकती है, जिसका इलाज लंबा और कठिन होता है।
- Drug-resistant टीबी का इलाज अलग दवाओं से होता है, वह भी सरकारी केंद्रों पर मुफ्त है।
- पेशाब का रंग लाल-नारंगी होना एक दवा का सामान्य असर है। लेकिन आँखें पीली हों, उल्टी हो या दाने निकलें तो तुरंत डॉक्टर को बताएँ।
- प्राइवेट डॉक्टर से इलाज करा रहे हों तब भी सरकारी योजना का लाभ मिल सकता है। डॉक्टर से Nikshay पर नाम दर्ज करने को कहें।
सरकारी मदद
- मुफ्त जाँच और मुफ्त दवा पूरे इलाज के दौरान।
- Nikshay Poshan Yojana: इलाज के दौरान पोषण के लिए हर महीने पैसे सीधे बैंक खाते में आते हैं।
- Ni-kshay Mitra: कई जगह संस्थाएँ और लोग मरीज़ों को राशन/पोषण किट देते हैं।
- Nikshay Sampark Helpline: 1800-11-6666 (मुफ्त) पर जानकारी और मदद मिलती है।
- ASHA दीदी या टीबी स्वास्थ्य कार्यकर्ता से नज़दीकी केंद्र की जानकारी लें।
टीबी में खान-पान
- अच्छा पोषण इलाज का ज़रूरी हिस्सा है। हर दिन प्रोटीन वाला खाना लें: दाल, चना, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर, अंडा (अगर खाते हों)।
- हरी सब्ज़ियाँ, मौसमी फल, मूंगफली, गुड़-चना फ़ायदेमंद हैं।
- धूम्रपान, गुटखा और शराब पूरी तरह बंद करें। शराब से टीबी की दवाओं का लिवर पर बुरा असर बढ़ता है।
बच्चों में टीबी
- बच्चों में खाँसी के बजाय वज़न न बढ़ना, बार-बार बुखार, सुस्ती और भूख न लगना मुख्य संकेत हो सकते हैं।
- जन्म के समय लगने वाला BCG टीका बच्चों को टीबी के गंभीर रूपों से बचाता है।
- घर में किसी को टीबी हो तो 5 साल से छोटे बच्चों की जाँच ज़रूर कराएँ। डॉक्टर बचाव की दवा (TPT) दे सकते हैं।
- बच्चों की दवा उनके वज़न के हिसाब से अलग होती है, और सरकारी केंद्र पर मुफ्त मिलती है।
बुज़ुर्गों में टीबी
- बुज़ुर्गों में लक्षण हल्के हो सकते हैं, जैसे सिर्फ कमज़ोरी, भूख न लगना या वज़न घटना।
- डायबिटीज़ हो तो शुगर नियंत्रित रखें, इससे टीबी जल्दी ठीक होती है।
- बुज़ुर्गों में दवा का लिवर पर असर ज़्यादा हो सकता है, इसलिए नियमित जाँच कराते रहें।
- रोज़ की दूसरी दवाओं की list डॉक्टर को दिखाएँ।
कब hospital जाएँ?
- ऊपर दिया कोई भी खतरे का संकेत दिखे
- 2 हफ्ते से ज़्यादा खाँसी हो (जाँच के लिए नज़दीकी सरकारी केंद्र)
- इलाज के 2 महीने बाद भी आराम न हो
- दवा से उल्टी, पीलिया, दाने, सुनाई या दिखाई देने में दिक्कत हो
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- नज़दीकी PHC / सरकारी अस्पताल का टीबी केंद्र: मुफ्त जाँच और इलाज
- Chest Physician / Pulmonologist (फेफड़ों के विशेषज्ञ)
- MD Medicine: डायबिटीज़ या दूसरी बीमारी साथ में हो
- Pediatrician: बच्चों के लिए
क्या न करें?
- आराम मिलते ही दवा बंद न करें। एक भी दिन की दवा न छोड़ें।
- खुले में न थूकें। बलगम ढक्कन वाले डिब्बे में डालकर सुरक्षित तरीके से नष्ट करें।
- बिना मुँह ढके न खाँसें या छींकें।
- बीमारी छुपाएँ नहीं। टीबी ठीक होने वाली बीमारी है, शर्म की नहीं।
- धूम्रपान, गुटखा और शराब न लें।
- बार-बार डॉक्टर या दवा न बदलें।
बचाव कैसे करें?
- नवजात को BCG का टीका ज़रूर लगवाएँ।
- घर में खिड़कियाँ खुली रखें, धूप और हवा आने दें।
- मरीज़ इलाज के शुरुआती हफ्तों में मास्क पहने और खाँसते समय मुँह ढके।
- मरीज़ के परिवार के सभी लोगों की जाँच कराएँ।
- अच्छा पोषण, डायबिटीज़ पर नियंत्रण और नशे से दूरी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है?
हाँ। पूरा कोर्स रोज़ लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है।
क्या टीबी बर्तन या कपड़ों से फैलती है?
नहीं। टीबी सिर्फ फेफड़े के टीबी मरीज़ की खाँसी-छींक से हवा द्वारा फैलती है।
क्या टीबी खानदानी बीमारी है?
नहीं। परिवार में कई लोगों को इसलिए होती है क्योंकि वे एक ही घर में साथ रहते हैं और हवा से संक्रमण फैलता है।
इलाज के दौरान काम कर सकते हैं?
ज़्यादातर मरीज़ कुछ हफ्तों के इलाज के बाद अपना सामान्य काम कर सकते हैं। कब से काम शुरू करें, यह डॉक्टर से पूछें।
टीबी की दवा मुफ्त कहाँ मिलती है?
सभी सरकारी अस्पतालों, PHC और टीबी केंद्रों पर। जानकारी के लिए 1800-11-6666 पर call करें।