खसरा (Measles)
बहुत तेज़ी से फैलने वाली वायरल बीमारी, जो बच्चों में निमोनिया, दस्त, अंधापन और मौत तक का कारण बन सकती है। MR टीके की दो खुराक से इससे लगभग पूरी तरह बचा जा सकता है, और यह टीका सरकारी केंद्रों पर मुफ्त है।
- कैसे फैलता है
- हवा से, बहुत तेज़ी से
- बचाव
- MR टीका, 2 खुराक, मुफ्त
- ज़रूरी इलाज
- Vitamin A, पानी, पोषण
- अलग रखें
- दाने निकलने के 4 दिन बाद तक
खसरा क्या है?
खसरा Measles वायरस से होता है और दुनिया की सबसे तेज़ फैलने वाली बीमारियों में से एक है। कुपोषित बच्चों और 5 साल से छोटे बच्चों में यह बहुत खतरनाक होता है।
भारत सरकार खसरा-रूबेला उन्मूलन के लिए काम कर रही है, इसलिए खसरे का हर मामला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को बताना ज़रूरी है।
कैसे फैलता है?
- मरीज़ की खाँसी, छींक और साँस से हवा द्वारा। वायरस कमरे की हवा में कुछ घंटे रह सकता है।
- जिन बच्चों को टीका नहीं लगा, उनमें से लगभग सभी संपर्क में आने पर बीमार हो जाते हैं।
- दाने निकलने से 4 दिन पहले से 4 दिन बाद तक मरीज़ से फैलता है।
- संपर्क के लगभग 10–14 दिन बाद लक्षण शुरू होते हैं।
लक्षण
- तेज़ बुखार
- खाँसी, नाक बहना
- लाल, पानी भरी आँखें, रोशनी से परेशानी
- गाल के अंदर छोटे सफ़ेद धब्बे (शुरुआती पहचान)
- बुखार के 3–5 दिन बाद लाल-भूरे दाने, जो चेहरे और कान के पीछे से शुरू होकर नीचे पूरे शरीर में फैलते हैं
- दाने कुछ दिनों बाद काले पड़कर पपड़ी की तरह उतरते हैं
| खसरा | चिकनपॉक्स | |
|---|---|---|
| दाने | चपटे लाल-भूरे, आपस में जुड़ते हुए | पानी भरे छाले, खुजली वाले |
| साथ में | तेज़ खाँसी, लाल आँखें, नाक बहना | हल्का बुखार |
| खतरा | बच्चों में निमोनिया, दस्त, अंधापन | आमतौर पर हल्का (बच्चों में) |
खतरे के संकेत (Warning signs)
इनमें से कोई भी संकेत दिखे तो तुरंत hospital जाएँ:
- तेज़ साँस, साँस फूलना या पसलियाँ धँसना (निमोनिया)
- दूध या पानी न पी पाना, बार-बार उल्टी
- बार-बार दस्त, पानी की कमी, बहुत कम पेशाब
- झटके, बहुत सुस्ती या बेहोशी
- आँखों में दर्द, आँख में सफ़ेदी या धुँधलापन, दिखना कम होना
- कान से मवाद
- दाने निकलने के 3–4 दिन बाद भी तेज़ बुखार
जाँच
- डॉक्टर आमतौर पर लक्षणों से पहचान लेते हैं।
- पक्का करने के लिए खून की Measles IgM जाँच, जो सरकारी निगरानी कार्यक्रम में मुफ्त होती है।
- खसरे का शक हो तो ASHA, ANM या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को ज़रूर बताएँ, ताकि आसपास के बच्चों का टीकाकरण जाँचा जा सके।
इलाज और देखभाल
- खसरे के लिए कोई खास एंटीवायरल दवा नहीं है। देखभाल ही इलाज है।
- Vitamin A: WHO के अनुसार खसरे वाले हर बच्चे को Vitamin A की खुराक दी जाती है। इससे आँखों का नुकसान और मौत का खतरा घटता है। यह डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र से दिलवाएँ।
- भरपूर पानी, ORS, माँ का दूध और खाना जारी रखें।
- बुखार के लिए डॉक्टर की सलाह से Paracetamol। बच्चों को Aspirin न दें।
- आँखें साफ़ पानी और साफ़ कपड़े से हल्के से पोंछें, कमरे में हल्की रोशनी रखें।
- निमोनिया, कान या आँख के संक्रमण में डॉक्टर antibiotic देते हैं।
खान-पान और गलतफ़हमियाँ
- खाना-पानी बंद न करें। खसरे में बच्चे जल्दी कुपोषित होते हैं, और कुपोषण से खसरा और खतरनाक होता है।
- माँ का दूध जारी रखें। नरम, पौष्टिक खाना थोड़ा-थोड़ा कई बार दें।
- दाल, खिचड़ी, दलिया, अंडा, फल, हरी सब्ज़ियाँ (Vitamin A वाली जैसे पपीता, गाजर, आम, पालक)।
- धार्मिक मान्यताओं के कारण बच्चे को घर में बंद करके इलाज से दूर न रखें। खतरे के संकेत दिखें तो तुरंत hospital जाएँ।
MR टीका
| खुराक | उम्र |
|---|---|
| पहली खुराक | 9–12 महीने |
| दूसरी खुराक | 16–24 महीने |
- MR (Measles-Rubella) टीका सरकारी टीकाकरण में मुफ्त है।
- दोनों खुराक ज़रूरी हैं। एक खुराक छूट गई हो तो जितनी जल्दी हो सके लगवाएँ।
- बच्चे का टीकाकरण कार्ड देखें या ASHA/ANM से पूछें।
- खसरे वाले इलाके में डॉक्टर 6 महीने से बड़े बच्चों को अतिरिक्त खुराक की सलाह दे सकते हैं।
बच्चों में खसरा
- 5 साल से छोटे और कुपोषित बच्चों में खसरा सबसे ज़्यादा जानलेवा है।
- खसरे के बाद कुछ हफ्तों तक बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर रहती है। दूसरे संक्रमणों से बचाएँ और पोषण का ध्यान रखें।
- बच्चे को दाने निकलने के 4 दिन बाद तक स्कूल या आंगनवाड़ी न भेजें।
बड़ों और गर्भवती महिलाओं में
- बड़ों में खसरा ज़्यादा गंभीर हो सकता है।
- गर्भावस्था में खसरा गर्भपात, समय से पहले प्रसव और कम वज़न का बच्चा होने का खतरा बढ़ाता है।
- MR टीका गर्भावस्था में नहीं लगता। गर्भवती महिला खसरे के मरीज़ के संपर्क में आए तो डॉक्टर को तुरंत बताएँ।
कब डॉक्टर या hospital जाएँ?
- ऊपर दिया कोई भी खतरे का संकेत: तुरंत
- बुखार के साथ लाल दाने, खाँसी और लाल आँखें: डॉक्टर को दिखाएँ और स्वास्थ्य कार्यकर्ता को बताएँ
- बच्चा कुपोषित हो या 1 साल से छोटा हो
- मरीज़ गर्भवती हो
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- Pediatrician या नज़दीकी PHC / सरकारी अस्पताल
- General Physician: बड़ों के लिए
- Ophthalmologist: आँखों में दर्द या दिखने में दिक्कत
क्या न करें?
- बच्चे का खाना-पानी बंद न करें।
- बीमारी छुपाकर बच्चे को घर में इलाज से दूर न रखें।
- आँखों में कुछ भी (काजल, तेल, दूध) न डालें, और आँखें बाँधें नहीं।
- बच्चों को Aspirin न दें।
- अपने मन से antibiotic न दें।
- टीके की खुराक न छोड़ें।
बचाव कैसे करें?
- MR टीके की दोनों खुराक समय पर लगवाएँ।
- मरीज़ को दाने निकलने के 4 दिन बाद तक अलग रखें।
- बच्चों का पोषण अच्छा रखें।
- आसपास खसरा फैला हो तो बच्चों का टीकाकरण कार्ड जाँचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या खसरा और चिकनपॉक्स एक ही बीमारी है?
नहीं। दोनों अलग वायरस से होते हैं। खसरे में चपटे लाल दाने, तेज़ खाँसी और लाल आँखें होती हैं, चिकनपॉक्स में पानी भरे छाले।
क्या टीका लगने के बाद भी खसरा हो सकता है?
बहुत कम, और होता भी है तो आमतौर पर हल्का। दोनों खुराक लेने वाले लगभग पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
खसरे में Vitamin A क्यों देते हैं?
यह आँखों को नुकसान से बचाता है और गंभीर बीमारी व मौत का खतरा घटाता है। यह डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र से दिलवाएँ।
बच्चा स्कूल कब जा सकता है?
दाने निकलने के 4 दिन बाद, अगर बच्चा ठीक महसूस कर रहा हो।
क्या खसरा दोबारा होता है?
नहीं। एक बार होने के बाद जीवन भर सुरक्षा रहती है।