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कुत्ते का काटना और रेबीज़ (Rabies)
रेबीज़ एक बार लक्षण शुरू होने के बाद लगभग हमेशा जानलेवा होता है, पर सही समय पर घाव धोने और टीका लगवाने से 100% बचाव संभव है। कुत्ते, बिल्ली या बंदर के काटने या खरोंचने पर उसी दिन hospital जाएँ।
- सबसे पहले
- 15 मिनट साबुन और बहते पानी से घाव धोएँ
- टीका कब
- उसी दिन, देर न करें
- टीका
- सरकारी अस्पतालों में मुफ्त
- पेट में 14 इंजेक्शन?
- नहीं, यह पुराना तरीका है
रेबीज़ क्या है?
रेबीज़ एक वायरस है जो संक्रमित जानवर की लार में होता है और काटने, खरोंचने या कटी त्वचा पर चाटने से फैलता है। भारत में ज़्यादातर मामले कुत्तों से होते हैं, पर बिल्ली, बंदर, नेवला, सियार भी फैला सकते हैं।
वायरस नसों के रास्ते धीरे-धीरे दिमाग तक पहुँचता है। लक्षण शुरू होने के बाद कोई इलाज नहीं है, इसलिए लक्षणों का इंतज़ार किए बिना तुरंत टीका ज़रूरी है।
काटने के तुरंत बाद क्या करें
- घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट धोएँ। यह सबसे ज़रूरी कदम है और वायरस को काफ़ी हद तक हटा देता है।
- धोने के बाद घर में हो तो antiseptic (जैसे povidone iodine) लगाएँ।
- घाव पर कसकर पट्टी न बाँधें।
- उसी दिन नज़दीकी सरकारी अस्पताल या anti-rabies clinic जाएँ।
- कुत्ते के 10 दिन तक देखने का इंतज़ार करके टीका शुरू करने में देर न करें।
क्या बिल्कुल न लगाएँ
- मिर्च, हल्दी, तेल, चूना, मिट्टी, कॉफ़ी पाउडर या कोई घरेलू चीज़
- घाव में टाँके तुरंत न लगवाएँ, डॉक्टर तय करेंगे
कब टीका और कब immunoglobulin
| संपर्क | उदाहरण | क्या ज़रूरी |
|---|---|---|
| श्रेणी 1 | जानवर को छूना, खिलाना, साबुत त्वचा पर चाटना | सिर्फ हाथ धोना, टीका नहीं |
| श्रेणी 2 | खुली त्वचा पर हल्का दाँत लगना, बिना खून की खरोंच | घाव धोना + टीका |
| श्रेणी 3 | खून निकलने वाला काटना या खरोंच, कटी त्वचा या मुँह-आँख पर चाटना, कई जगह काटना | घाव धोना + टीका + Rabies Immunoglobulin (RIG) घाव में |
सिर, चेहरे, गर्दन या हाथों पर काटना ज़्यादा खतरनाक है, क्योंकि ये दिमाग के पास हैं या इनमें नसें ज़्यादा होती हैं। बच्चों में अक्सर चेहरे पर काटते हैं।
रेबीज़ का टीका
- आजकल टीका बाँह में लगता है, पेट में 14 इंजेक्शन वाला तरीका बहुत पहले बंद हो चुका है।
- टीका कुछ तय दिनों पर लगता है, आमतौर पर 0 (पहला दिन), 3, 7 और फिर schedule के अनुसार 14वें और/या 28वें दिन। डॉक्टर जो कार्ड दें, उसकी हर तारीख़ पर टीका ज़रूर लगवाएँ।
- सरकारी अस्पतालों में टीका और RIG मुफ्त है।
- श्रेणी 3 में RIG घाव के अंदर और आसपास लगाया जाता है, जितनी जल्दी हो सके।
- गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों के लिए भी टीका पूरी तरह सुरक्षित है।
- पहले पूरा टीका लगवा चुके हों तो दोबारा काटने पर सिर्फ 2 booster खुराक लगती हैं, RIG नहीं। पुराना टीका कार्ड साथ ले जाएँ।
- Tetanus का टीका भी ज़रूरत हो तो लगवाएँ।
रेबीज़ के लक्षण
- आमतौर पर काटने के 1–3 महीने बाद, कभी पहले या बहुत बाद
- बुखार, सिरदर्द
- काटने की जगह पर झनझनाहट, दर्द या खुजली
- पानी से डर (पानी पीने की कोशिश में गले में ऐंठन), हवा से डर
- बेचैनी, घबराहट, आक्रामकता, भ्रम
- लकवा, बेहोशी
ये लक्षण शुरू होने के बाद बचाना लगभग असंभव है। इसलिए काटने के दिन ही टीका शुरू करना ही एकमात्र बचाव है।
काटने वाले जानवर पर नज़र
- कुत्ते या बिल्ली को पहचान सकते हों तो 10 दिन तक उस पर नज़र रखें।
- अगर 10 दिन बाद भी जानवर स्वस्थ और ज़िंदा है, तो डॉक्टर बाकी टीके के बारे में फैसला कर सकते हैं।
- पर टीका शुरू करने के लिए इंतज़ार न करें।
- जानवर मर जाए या अजीब व्यवहार करे तो डॉक्टर को बताएँ।
- पालतू कुत्ते के काटने पर भी डॉक्टर को दिखाएँ, भले कुत्ते को टीका लगा हो।
बच्चों के लिए
- बच्चे सबसे ज़्यादा काटे जाते हैं, अक्सर चेहरे और सिर पर।
- बच्चे डाँट के डर से छोटी खरोंच या चाटने की बात छुपा लेते हैं। उन्हें सिखाएँ कि जानवर के किसी भी संपर्क के बारे में तुरंत बताएँ।
- बच्चों को आवारा कुत्तों को छेड़ने, खाना खाते या बच्चों वाले कुत्ते के पास जाने से मना करें।
- जिन इलाकों में खतरा ज़्यादा है, वहाँ बच्चों के लिए पहले से टीका (pre-exposure) के बारे में डॉक्टर से पूछें।
पालतू जानवरों के लिए
- पालतू कुत्ते-बिल्ली को हर साल रेबीज़ का टीका लगवाएँ।
- पालतू जानवर को आवारा जानवरों से लड़ने न दें।
- पशु चिकित्सक, पशु पालने वाले और जानवरों के साथ काम करने वाले पहले से टीका लगवाएँ।
- चूहे या खरगोश के काटने पर आमतौर पर रेबीज़ टीके की ज़रूरत नहीं होती, फिर भी डॉक्टर को दिखाएँ।
कब hospital जाएँ?
- कुत्ते, बिल्ली, बंदर या किसी जंगली जानवर के काटने या खरोंचने पर उसी दिन
- कटी त्वचा, आँख या मुँह पर जानवर ने चाटा हो
- चमगादड़ के संपर्क में आए हों
- टीके की कोई खुराक छूट गई हो: जल्दी से जल्दी डॉक्टर से मिलें
कहाँ जाएँ?
- सरकारी अस्पताल / Anti-Rabies Clinic: मुफ्त टीका और RIG
- PHC / CHC: कई जगह टीका उपलब्ध
- गहरा घाव, चेहरे पर काटना या बहुत खून: Emergency
क्या न करें?
- घाव पर मिर्च, हल्दी, तेल या कोई घरेलू चीज़ न लगाएँ।
- जानवर के 10 दिन देखने का इंतज़ार करके टीका शुरू करने में देर न करें।
- टीके का course बीच में न छोड़ें।
- झाड़-फूंक या "कुत्ते के काटे का मंत्र" के भरोसे न रहें।
- टीके के दौरान खाने-पीने की कोई पाबंदी नहीं है, मांस, अंडा, दूध सब खा सकते हैं।
बचाव कैसे करें?
- पालतू जानवरों का हर साल टीकाकरण।
- आवारा कुत्तों को छेड़ें नहीं, भागें नहीं, शांत रहें।
- सोते, खाते या बच्चों वाले कुत्ते के पास न जाएँ।
- काटने पर तुरंत घाव धोना और उसी दिन टीका।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या अब भी पेट में 14 इंजेक्शन लगते हैं?
नहीं। अब बाँह में कुछ तय दिनों पर कुछ खुराक लगती हैं। पेट वाला तरीका बहुत पहले बंद हो चुका है।
सिर्फ खरोंच लगी, खून नहीं निकला, तो क्या टीका ज़रूरी है?
हाँ, खुली त्वचा पर खरोंच में भी टीका लगवाना चाहिए। डॉक्टर तय करेंगे कि RIG की ज़रूरत है या नहीं।
पालतू कुत्ते ने काटा है, उसे टीका लगा है, तो क्या करें?
घाव धोएँ और डॉक्टर को दिखाएँ। डॉक्टर कुत्ते के टीके का रिकॉर्ड देखकर तय करेंगे।
टीके के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए?
कोई पाबंदी नहीं है। सामान्य खाना खा सकते हैं।
काटे हुए कई दिन हो गए, क्या अब टीका लगवाऊँ?
हाँ, जितनी जल्दी हो सके, आज ही। जब तक लक्षण शुरू न हों, टीका फ़ायदेमंद है।