आँख आना (Conjunctivitis)
आँख की ऊपरी पारदर्शी झिल्ली में सूजन, जिससे आँख लाल होती है, पानी आता है और किरकिरी लगती है। ज़्यादातर मामले वायरल होते हैं और 1–2 हफ्ते में अपने-आप ठीक हो जाते हैं।
- सबसे आम
- वायरल (eye flu)
- कितने दिन
- आमतौर पर 1–2 हफ्ते
- फैलता है
- हाथ, तौलिया, रूमाल से
- सावधान
- Steroid वाली eye drop
आँख आना क्या है?
आँख के सफ़ेद हिस्से और पलकों के अंदर एक पतली झिल्ली (conjunctiva) होती है। इसमें सूजन को conjunctivitis कहते हैं। बरसात के मौसम में वायरल conjunctivitis (eye flu) बड़े पैमाने पर फैलता है।
| प्रकार | लक्षण | फैलता है? |
|---|---|---|
| वायरल | पानी जैसा स्राव, किरकिरी, अक्सर एक आँख से दूसरी में, साथ में सर्दी-ज़ुकाम | हाँ, बहुत |
| बैक्टीरियल | गाढ़ा पीला-हरा कीचड़, सुबह पलकें चिपकना | हाँ |
| एलर्जी | दोनों आँखों में बहुत खुजली, पानी, छींक | नहीं |
कैसे फैलता है?
- संक्रमित आँख छूकर फिर दूसरी चीज़ें या अपनी आँख छूने से।
- तौलिया, रूमाल, तकिया, चश्मा, काजल-सुरमा साझा करने से।
- Swimming pool या भीड़ वाली जगहों पर।
- मरीज़ की आँख में देखने से यह नहीं फैलता, यह एक गलतफ़हमी है।
लक्षण
- आँख का सफ़ेद हिस्सा लाल या गुलाबी होना
- आँख से पानी आना
- किरकिरी या रेत जैसा महसूस होना
- खुजली या जलन
- पलकों में सूजन
- कीचड़, सुबह पलकें चिपक जाना
- हल्की रोशनी से परेशानी
आँख लाल होने के साथ तेज़ दर्द या दिखना कम हो तो यह साधारण conjunctivitis नहीं, आँख की कोई गंभीर बीमारी हो सकती है।
खतरे के संकेत (Warning signs)
इनमें से कोई भी संकेत दिखे तो तुरंत आँख के डॉक्टर या hospital जाएँ:
- आँख में तेज़ दर्द
- दिखना कम होना या धुँधलापन, जो पलक झपकाने से ठीक न हो
- रोशनी से बहुत ज़्यादा परेशानी
- आँख की पुतली (काले हिस्से) पर सफ़ेद धब्बा
- Contact lens पहनने वाले की आँख लाल और दर्दनाक
- आँख के आसपास लाली-सूजन के साथ बुखार
- आँख लाल होने के साथ तेज़ सिरदर्द और उल्टी
- नवजात शिशु (पहले महीने) की आँख में लाली और कीचड़
- आँख में चोट या केमिकल गिरना: तुरंत 15–20 मिनट साफ़ पानी से धोएँ, फिर hospital
जाँच
- डॉक्टर आमतौर पर आँख देखकर पहचान लेते हैं।
- आँख के डॉक्टर torch या slit lamp से पुतली की जाँच करते हैं, ताकि गंभीर बीमारी अलग की जा सके।
- बार-बार या गंभीर संक्रमण में स्राव की culture जाँच।
इलाज और घर पर देखभाल
- वायरल: antibiotic की ज़रूरत नहीं होती। 1–2 हफ्ते में अपने-आप ठीक होता है।
- बंद आँखों पर ठंडी पट्टी (साफ़ कपड़ा ठंडे पानी में भिगोकर) से आराम मिलता है।
- कीचड़ को उबालकर ठंडे किए पानी और साफ़ रुई से अंदर से बाहर की ओर पोंछें। हर आँख के लिए अलग रुई लें।
- डॉक्टर आँखों को नम रखने वाली drop (artificial tears) दे सकते हैं।
- बैक्टीरियल: डॉक्टर antibiotic drop देते हैं।
- एलर्जी: एलर्जी कम करने वाली drop, और जिससे एलर्जी हो उससे बचाव।
- Contact lens ठीक होने तक न पहनें।
Steroid वाली eye drop का खतरा
- कई eye drops में steroid होता है। ये कुछ समय आराम देती हैं, पर बिना डॉक्टर के इस्तेमाल से काला मोतिया (glaucoma), सफ़ेद मोतिया और कुछ संक्रमणों में आँख की रोशनी जाने का खतरा होता है।
- Label पर Dexamethasone, Prednisolone, Betamethasone, Fluorometholone, Loteprednol लिखा हो तो उसमें steroid है। आँख के डॉक्टर की सलाह के बिना न डालें।
फैलने से कैसे रोकें
- आँख छूने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोएँ।
- अपना तौलिया, रूमाल, तकिया अलग रखें और रोज़ धोएँ।
- आँखें रगड़ें नहीं।
- Eye drop की शीशी आँख से न छुए, और किसी के साथ साझा न करें।
- काजल, सुरमा, makeup ठीक होने तक न लगाएँ, पुराना फेंक दें।
- आँखें लाल हों और पानी आए तब तक स्कूल, दफ़्तर और भीड़ में न जाएँ।
- काला चश्मा रोशनी से आराम देता है, पर बीमारी फैलने से नहीं रोकता। हाथ धोना ज़्यादा ज़रूरी है।
बच्चों में
- बच्चों में आँख आना स्कूल में तेज़ी से फैलता है। आँख लाल और पानी आना बंद होने तक बच्चे को घर रखें।
- बच्चे के हाथ बार-बार धुलवाएँ, नाखून छोटे रखें।
- नवजात शिशु की आँख में लाली या कीचड़ हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ, यह गंभीर संक्रमण हो सकता है।
बुज़ुर्गों में
- बुज़ुर्गों में आँखों का सूखापन भी लाली और किरकिरी देता है।
- आँख लाल होने के साथ दर्द, सिरदर्द और धुँधलापन काला मोतिया (glaucoma) का दौरा हो सकता है। यह emergency है।
- डायबिटीज़ के मरीज़ आँख की किसी भी तकलीफ़ में जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ।
कब डॉक्टर को दिखाएँ?
- ऊपर दिया कोई भी खतरे का संकेत: तुरंत
- गाढ़ा पीला-हरा कीचड़
- 1 हफ्ते में आराम न हो या बढ़ता जाए
- Contact lens पहनते हों
- बार-बार आँख आती हो
कौन-सा doctor दिखाएँ?
- Ophthalmologist (आँख के डॉक्टर): सबसे सही
- General Physician: हल्के मामलों में
- Pediatrician: बच्चों और नवजात के लिए
क्या न करें?
- Steroid वाली या पुरानी बची हुई eye drop न डालें।
- दवा दुकान से अपने मन से "मिक्स" drop न लें।
- आँख में माँ का दूध, गुलाब जल, शहद, प्याज़ का रस, पेशाब या कोई घरेलू चीज़ न डालें।
- आँखें न रगड़ें।
- Eye drop या तौलिया किसी के साथ साझा न करें।
- Contact lens पहनकर न सोएँ।
बचाव कैसे करें?
- बार-बार साबुन से हाथ धोएँ, खासकर बरसात में।
- आँखें बिना धुले हाथों से न छुएँ।
- अपना तौलिया, रूमाल और काजल अलग रखें।
- घर में किसी की आँख आई हो तो उसका सामान अलग रखें।
- एलर्जी वाले लोग धूल और पराग से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या आँख में देखने से आँख आती है?
नहीं। यह हाथ, तौलिया, रूमाल जैसी चीज़ों से फैलता है, देखने से नहीं।
आँख आने में कितने दिन लगते हैं ठीक होने में?
वायरल conjunctivitis आमतौर पर 1–2 हफ्ते में ठीक हो जाता है।
क्या काला चश्मा पहनने से फैलना रुकता है?
नहीं। चश्मा रोशनी से आराम देता है। फैलने से रोकने के लिए हाथ धोना और सामान अलग रखना ज़रूरी है।
स्कूल या दफ़्तर कब जा सकते हैं?
जब आँख की लाली और पानी आना काफ़ी कम हो जाए, आमतौर पर कुछ दिनों बाद।
क्या गुलाब जल डाल सकते हैं?
संक्रमित आँख में गुलाब जल या कोई घरेलू चीज़ न डालें। इससे संक्रमण बढ़ सकता है।